ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। पालम एयरफोर्स स्टेशन पर विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने उनका औपचारिक स्वागत किया। पुतिन का काफिला आईटीसी मौर्या होटल के लिए रवाना हो चुका है, जहां उनके ठहरने के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
बीते नौ महीनों में पुतिन की यह दूसरी भारत यात्रा है। यह दौरा न केवल भारत और रूस के बीच गहरे रणनीतिक रिश्तों को दर्शाता है, बल्कि वैश्विक मंच पर ब्रिक्स की बढ़ती अहमियत को भी रेखांकित करता है।
राष्ट्रपति पुतिन की सुरक्षा के लिए दिल्ली में चार स्तरीय अभेद्य घेरा तैयार किया गया है। हवाई अड्डे से लेकर भारत मंडपम तक के पूरे मार्ग पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। रूसी सुरक्षा एजेंसियों ने स्थानीय पुलिस और सुरक्षा बलों के साथ मिलकर समन्वय स्थापित किया है।
सुरक्षा की सबसे अहम जिम्मेदारी क्लोज प्रोटेक्शन टीम के पास है। इसके बाद दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, विशेष कमांडो और स्थानीय पुलिस बल तैनात हैं। होटल के स्टाफ का भी गहन सत्यापन किया गया है, ताकि सुरक्षा में कोई चूक न हो।
सम्मेलन के मुख्य कार्यक्रमों के इतर, राष्ट्रपति पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठक होगी। शुक्रवार को होने वाली इस वार्ता में रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और आर्थिक सहयोग जैसे प्राथमिक मुद्दों पर गहन चर्चा की उम्मीद है।
दोनों नेता पारंपरिक संबंधों को नई गति देने की दिशा में कई महत्वपूर्ण समझौतों को अंतिम रूप देने पर भी विचार कर सकते हैं।
भारत इस वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। 12 और 13 सितंबर को आयोजित होने वाला यह शिखर सम्मेलन वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और रणनीतिक सहयोग पर केंद्रित रहेगा।
दुनिया के शीर्ष नेताओं का दिल्ली में जुटना भारत की बढ़ती वैश्विक साख का प्रतीक है। वहीं, पुतिन की उपस्थिति यह स्पष्ट करती है कि रूस के लिए भारत के साथ यह बहुपक्षीय मंच अत्यंत महत्वपूर्ण है।
🇷🇺🇮🇳Ceremony marking the official arrival of Russian President Vladimir #Putin in #India to attend the#BRICS Summit. pic.twitter.com/yemWZUGi8Q
— Russia in India 🇷🇺 (@RusEmbIndia) September 10, 2026
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