ऑटो-रिक्शा ड्राइवर की बेटी एंसी सोजन ने जीता लॉन्ग जंप का खिताब, अब एशियन गेम्स में गोल्ड पर है नजर
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शानदार जीत के साथ एशियन गेम्स की तैयारी नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित इंडियन एथलेटिक्स सीरीज फाइनल में केरल की एंसी सोजन ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। उन्होंने 6.76 मीटर की छलांग लगाकर महिलाओं की लॉन्ग जंप में पहला स्थान हासिल किया। इस स्पर्धा में उत्तर प्रदेश की शैली सिंह 6.65 मीटर के साथ दूसरे स्थान पर रहीं।

आत्मविश्वास से लबरेज एंसी का लक्ष्य जीत के बाद एंसी सोजन काफी उत्साहित दिखीं। यह जीत उनके लिए एशियन गेम्स से पहले की आखिरी बड़ी तैयारी थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका असली लक्ष्य जापान में होने वाले आगामी एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक (गोल्ड) जीतना है। सोजन ने कहा, मेरा सपना पोडियम पर खड़े होकर भारत का राष्ट्रगान सुनना है, उस पल की खुशी में मेरी आंखों में आंसू हों। मैं उस गर्व के अहसास के लिए पूरी तरह तैयार हूं।

7 मीटर का सपना और कड़ी मेहनत जून 2026 में 6.88 मीटर की छलांग लगाकर अंजू बॉबी जॉर्ज का 22 साल पुराना नेशनल रिकॉर्ड तोड़ने वाली एंसी अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने पिता को देती हैं। उनके पिता एक ऑटो-रिक्शा ड्राइवर हैं। सोजन बताती हैं कि आर्थिक तंगी और लोगों की बातों को नजरअंदाज कर उन्होंने खुद से वादा किया था कि वे सात मीटर का आंकड़ा जरूर पार करेंगी।

संघर्ष से सफलता तक का सफर एंसी के लिए यह सफर आसान नहीं था। उन्होंने कहा, मैं एक सामान्य परिवार से हूं, जहां लोगों ने मुझसे कहा था कि मैं कुछ हासिल नहीं कर पाऊंगी। लेकिन मेरे पिता ने हमेशा मेरा साथ दिया। यह नेशनल रिकॉर्ड मैंने उन्हें समर्पित किया है। यह जीत न केवल मेरी मेहनत का फल है, बल्कि यह उन सभी के लिए प्रेरणा है जो विपरीत परिस्थितियों में भी बड़ा सपना देखते हैं।

आगे की राह लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहीं एंसी अब पूरी तरह से एशियन गेम्स पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जिस तरह से वह लगातार 6.70-6.80 मीटर के दायरे में प्रदर्शन कर रही हैं, उनसे ओलंपिक और एशियाई स्तर पर बड़े पदकों की उम्मीद बढ़ गई है। उनकी शारीरिक और मानसिक मजबूती उन्हें अन्य एथलीटों से अलग बनाती है।

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