सिर्फ 4 दिनों में 8 तेल टैंकरों का खात्मा: अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ा टैंकर वॉर
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अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर से बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। पिछले चार दिनों के भीतर अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के कुल 8 क्रूड ऑयल टैंकरों को तबाह कर दिया है। यह कार्रवाई तब हुई जब ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिकी नौसेना के युद्धपोतों को लगातार निशाना बनाने की कोशिश की।

8 सितंबर: पांच टैंकरों पर सर्जिकल स्ट्राइक

8 सितंबर 2026 को अमेरिकी सेना ने ईरान के पांच क्रूड ऑयल कैरियर को नष्ट कर दिया। CENTCOM के अनुसार, ये जहाज M/T Kaviz, M/T Charminar, M/T Horizon 1, M/T Riesco और M/T Derya थे। इन जहाजों को ओमान की खाड़ी और खर्ग द्वीप के पास निशाना बनाया गया। अमेरिकी सेना ने स्पष्ट किया कि हमला करने से पहले क्रू को सुरक्षित निकलने का मौका दिया गया था।

5 सितंबर से शुरू हुआ सिलसिला

यह टकराव 5 सितंबर को शुरू हुआ था, जब IRGC ने अमेरिकी युद्धपोतों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। बचाव में अमेरिका ने उसी दिन तीन टैंकरों (M/T Downy, M/T Stark 1, M/T Kylo) को निष्क्रिय कर दिया था। इस तरह मात्र चार दिनों में अमेरिका ने ईरान के कुल 8 महत्वपूर्ण तेल जहाजों को समुद्र में ही बेकार कर दिया।

क्यों निशाने पर हैं ईरानी टैंकर?

अमेरिका का आरोप है कि ये तेल टैंकर ईरान के बहु-अरब डॉलर के शैडो ऑयल नेटवर्क का हिस्सा हैं। अमेरिका का तर्क है कि ईरान इस तेल की कमाई का इस्तेमाल IRGC और अपने क्षेत्रीय सहयोगी संगठनों को फंडिंग करने के लिए करता है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सख्त चेतावनी दी है कि ईरान द्वारा अमेरिकी जहाजों पर हर हमले का जवाब उनके तेल ढांचे को ध्वस्त करके दिया जाएगा।

खाड़ी क्षेत्र में गहरा रहा संकट

होरमुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्ग है। इस ताजा तनाव ने न केवल दोनों देशों की नौसेनाओं को आमने-सामने खड़ा कर दिया है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में भी भारी अस्थिरता पैदा कर दी है। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई में जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर मिसाइलें दागी हैं।

क्या बड़ा युद्ध छिड़ने वाला है?

ईरान ने अब कुवैत और बहरीन के बंदरगाहों पर मौजूद टैंकरों को भी निशाना बनाने की धमकी दी है। अमेरिका की यह नई रणनीति साफ है—ईरान को सैन्य रूप से जवाब देने के साथ-साथ उसकी आर्थिक कमर तोड़ना। हालांकि, दोनों ओर से जारी यह आक्रामक रुख पूरे खाड़ी क्षेत्र को एक बड़े क्षेत्रीय संघर्ष की ओर धकेलता हुआ दिखाई दे रहा है।

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