सत्य निकेतन हादसे के बाद जागा प्रशासन: 1100 पीजी की जांच, अवैध इमारतों पर चला बुलडोजर
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दिल्ली: सत्य निकेतन इलाके में 6 सितंबर को हुई दर्दनाक इमारत ढहने की घटना ने पूरी राजधानी को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) ने सख्त रुख अपनाते हुए अवैध निर्माणों के खिलाफ एक बड़ा अभियान छेड़ दिया है। प्रशासन अब सुरक्षा मानकों को लेकर कोई भी ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है।

48 घंटों में 1100 पीजी का सर्वे सत्य निकेतन हादसे के तुरंत बाद निगम की टीमें सक्रिय हो गई हैं। पिछले 48 घंटों के भीतर प्रशासन ने शहर भर के 1100 पेइंग गेस्ट (PG) आवासों का सघन सर्वे किया है। इन पीजी में 20 हजार से ज्यादा छात्र रह रहे हैं। निगम का मुख्य उद्देश्य यह जांचना है कि क्या ये इमारतें सुरक्षित हैं और क्या इनमें निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया है।

ताबड़तोड़ कार्रवाई: 24 इमारतें ध्वस्त, 7 सील निगम ने नियमों की अनदेखी करने वाले संचालकों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, पिछले दो दिनों में 24 अवैध संपत्तियों को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया है। वहीं, गंभीर उल्लंघन करने वाली 7 अन्य संपत्तियों को पूरी तरह सील कर दिया गया है। साथ ही, 35 भवन स्वामियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।

खतरनाक ढांचों को गिराने के आदेश सत्य निकेतन हादसे के बाद निगम ने 27 ऐसी संपत्तियों को गिराने का अंतिम आदेश जारी किया है, जो अत्यंत जर्जर और खतरनाक स्थिति में पाई गई हैं। निगम का कहना है कि छात्रों की जान से खेलकर बनाई गई ये अवैध इमारतें टाइम बम की तरह हैं, जिन्हें समय रहते हटाना जरूरी है।

हादसे वाली जगह पर सटी इमारत को ढहाने का काम शुरू सत्य निकेतन में गिरी इमारत के बगल वाली बिल्डिंग भी हादसे के बाद कमजोर हो गई थी। निगम आयुक्त संजीव खिरवार के अनुसार, यह ढांचा किसी भी समय गिर सकता था, जिसके चलते इसे अत्यंत सावधानीपूर्वक चरणबद्ध तरीके से गिराने का कार्य शुरू कर दिया गया है। रेस्क्यू और सेफ्टी टीम की निगरानी में यह कार्रवाई की जा रही है ताकि आसपास के अन्य मकानों को नुकसान न हो।

तीन महीने से जारी है ऑपरेशन बुलडोजर अवैध निर्माण के खिलाफ निगम की कार्रवाई केवल सत्य निकेतन तक सीमित नहीं है। पिछले तीन महीनों (1 जून से 31 अगस्त) के आंकड़ों पर गौर करें तो निगम ने 959 संपत्तियों पर तोड़फोड़ की है और 471 संपत्तियों को सील किया है। केवल 8 सितंबर को ही निगम ने 17 संपत्तियों को ढहाया और 5 को सील किया।

नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि राजधानी में अवैध निर्माण और बिना पंजीकरण के चल रहे पीजी के खिलाफ यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक हर छात्र को सुरक्षित आवास न मिल जाए।

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