वडोदरा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के वडोदरा में विकास परियोजनाओं के उद्घाटन के दौरान देश के युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में महारत हासिल करना एक अनिवार्य आवश्यकता है।
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि AI का महत्व केवल आईटी सेक्टर तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा, अगर युवाओं के पास सही स्किल्स हैं, तो वे खेती, स्वास्थ्य सेवा, मैन्युफैक्चरिंग और रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों में क्रांति ला सकते हैं। सरकार इसके लिए एक बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है ताकि भारत का युवा वर्ग AI के लिए पूरी तरह तैयार हो सके।
पीएम मोदी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय भारत की युवा शक्ति का उत्कर्ष काल है। उन्होंने चेतावनी दी कि यह समय दोबारा लौटकर नहीं आने वाला है। इसलिए, युवाओं का एकमात्र लक्ष्य 2047 तक विकसित भारत के निर्माण को प्राथमिकता देना होना चाहिए।
भविष्य के आधुनिक सेक्टर, विशेषकर चिप इंडस्ट्री और डेटा सेंटर्स, पूरी तरह से बिजली पर निर्भर हैं। प्रधानमंत्री ने बताया कि AI में ग्लोबल सुपरपावर बनने के लिए भारत एक मजबूत इलेक्ट्रिक इकोसिस्टम बना रहा है। इसी दिशा में सरकार सोलर, विंड, हाइड्रो और न्यूक्लियर एनर्जी के साथ-साथ रेयर अर्थ मिनरल्स के लिए अंतरराष्ट्रीय समझौते भी कर रही है।
पीएम ने इस बात पर जोर दिया कि अब शिक्षा का ध्यान केवल डिग्री पर नहीं, बल्कि स्किल्स पर केंद्रित है। बदलते वैश्विक परिप्रेक्ष्य में युवाओं को ऐसी स्किल्स की आवश्यकता है जिन्हें समय के साथ अपग्रेड किया जा सके। सरकार अपनी नई शिक्षा नीति के तहत शिक्षण संस्थानों को आधुनिक बना रही है।
प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के युवाओं का बोझ कम करने के लिए सरकार जल्द ही मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की सुविधा शुरू करेगी। इसके तहत देश के सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों के जरिए छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी, जिसका पूरा खर्च सरकार उठाएगी।
विकास की बात करते हुए पीएम ने डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि ईस्टर्न और वेस्टर्न कॉरिडोर देश के व्यापार की रीढ़ बन गए हैं। मालगाड़ियों की स्पीड और क्षमता कई गुना बढ़ गई है। एक डबल-स्टैक कंटेनर ट्रेन के जरिए 250 से ज्यादा ट्रकों के बराबर सामान ढोया जा रहा है, जो भारत की लॉजिस्टिक्स क्षमता में आए बड़े बदलाव को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जब तकनीक बदलती है, तो कुछ लोग अनावश्यक नकारात्मकता फैलाते हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि AI के दौर में भले ही पुरानी नौकरियां खत्म होंगी, लेकिन तकनीक के क्षेत्र में 17 करोड़ से ज्यादा नई नौकरियां पैदा होने की संभावना भी है। भारत इसी बदलाव के लिए खुद को तैयार कर रहा है।
#WATCH | Vadodara, Gujarat: At the NaMo for Viksit Bharat event, Prime Minister Narendra Modi says, It is equally important for India s youth to become proficient in AI. We want our young generation to be AI-ready. It is not as if the need for those skilled in AI is limited to… pic.twitter.com/gjAZM8RDGi
— ANI (@ANI) September 8, 2026
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