दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हाल ही में एक पीजी (PG) इमारत ढहने से हुई 7 छात्रों की मौत ने देश की न्यायिक व्यवस्था को एक बड़े फैसले के लिए मजबूर कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने अब इस मामले को केवल दिल्ली तक सीमित न रखते हुए, इसे देशभर के निजी हॉस्टलों और छात्र आवासों की सुरक्षा से जोड़ दिया है।
सुप्रीम कोर्ट का पैन-इंडिया रुख मंगलवार को सुनवाई के दौरान जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने साफ संकेत दिए कि अदालत इस मुद्दे पर व्यापक स्तर पर कार्रवाई की तैयारी कर रही है। कोर्ट ने कहा, हमारे दिमाग में एक योजना है, और इसे पूरे देश (Pan-India) के स्तर पर उठाया जाना चाहिए। कोर्ट दिल्ली हाई कोर्ट में लंबित याचिका को भी अपने पास ट्रांसफर करने पर विचार कर रहा है।
सुरक्षा पर बड़े सवाल सत्य निकेतन हादसे ने उन हजारों निजी पीजी और हॉस्टलों की सुरक्षा की पोल खोल दी है, जो बिना किसी उचित नक्शे, फायर सेफ्टी और स्ट्रक्चरल ऑडिट के चल रहे हैं। कोर्ट द्वारा नियुक्त एमिकस क्यूरी अजीत कुमार सिन्हा ने अदालत से मांग की है कि देश भर के सभी छात्र आवासों की तत्काल सुरक्षा जांच होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की जानलेवा घटनाओं को रोका जा सके।
दिल्ली हाई कोर्ट और MCD की भूमिका सत्य निकेतन की जिस इमारत में हादसा हुआ, उसमें मरम्मत का काम चल रहा था। दिल्ली हाई कोर्ट ने घटना के बाद MCD को आदेश दिए हैं कि वह इस त्रासदी की उच्च-स्तरीय जांच करे। जांच का मुख्य केंद्र यह है कि इमारत निर्माण में क्या नियम तोड़े गए और इस लापरवाही के लिए कौन से अधिकारी जिम्मेदार हैं।
NHRC ने भी मांगी कार्ययोजना सिर्फ कोर्ट ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी इस मामले में कड़ा संज्ञान लिया है। आयोग ने दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव और यूजीसी (UGC) चेयरमैन को निर्देश दिया है कि वे दिल्ली विश्वविद्यालय के साथ समन्वय करें। उन्हें छात्रों के लिए किफायती, सुरक्षित और पर्याप्त हॉस्टल सुविधा विकसित करने के लिए एक समयबद्ध कार्ययोजना पेश करने को कहा गया है।
अब आगे क्या? यह पहली बार नहीं है जब सुप्रीम कोर्ट ने असुरक्षित और अवैध निर्माण पर चिंता जताई है, लेकिन इस बार का रुख स्पष्ट है कि जवाबदेही तय होगी। यदि सुप्रीम कोर्ट इसे अखिल भारतीय मुद्दा बनाता है, तो देश भर के शहरों में चल रहे अवैध पीजी और हॉस्टलों पर प्रशासन का बुलडोजर चलना तय है। अब सभी की निगाहें सुप्रीम कोर्ट के आगामी दिशा-निर्देशों पर टिकी हैं।
Satya Niketan building collapse | The Supreme Court has indicated that it will examine the issue of the recent PG building collapse in South Delhi’s Satya Niketan that has killed seven students so far and injured many others, on a pan-India basis.
— ANI (@ANI) September 8, 2026
A bench of Justices Ahsanuddin… pic.twitter.com/dJr4rEFyv4
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