दही हांडी का कुरुक्षेत्र : सत्ता के लिए महायुति का शक्ति प्रदर्शन, विपक्ष हुआ आउट
News Image

महाराष्ट्र की सांस्कृतिक पहचान बन चुका दही हांडी उत्सव इस बार राजनीतिक अखाड़े में तब्दील हो गया। मुंबई और ठाणे में आयोजित इस साहसिक उत्सव के जरिए भाजपा और शिंदे गुट की शिवसेना ने अपना वर्चस्व कायम करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है।

सांस्कृतिक उत्सव या राजनीतिक वर्चस्व की जंग? दही हांडी का पर्व पहले पारंपरिक रूप से ठाकरे परिवार की शिवसेना का गढ़ माना जाता था। लेकिन राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद तस्वीर बदल गई है। इस बार के उत्सव में भाजपा और शिंदे गुट ने जिस तरह से अपनी मौजूदगी दर्ज कराई, उससे यह साफ हो गया कि अब इस उत्सव का केंद्र बिंदु महायुति बन गई है। इस सियासी जंग में उद्धव ठाकरे गुट (UBT), कांग्रेस और मनसे जैसे विपक्षी दल इस पूरे शक्ति प्रदर्शन से पूरी तरह गायब नजर आए।

फडणवीस का नशामुक्त महाराष्ट्र पर जोर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वरली, दादर और घाटकोपर में आयोजित भव्य दही हांडी कार्यक्रमों में शिरकत की। यहाँ उन्होंने केवल उत्सव का आनंद नहीं लिया, बल्कि युवाओं से नशामुक्त महाराष्ट्र का संकल्प लेने की अपील की। घाटकोपर में गोविंदाओं के साहस और टीमवर्क की सराहना करते हुए फडणवीस ने कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद स्थापित किया।

शिंदे ने दी गोविंदाओं को सुरक्षा की सीख उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने ठाणे, नवी मुंबई और कल्याण के आयोजनों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। ठाणे के टेंभी नाका में उन्होंने गोविंदाओं को अनुशासन का पाठ पढ़ाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऊंचाई से ज्यादा गोविंदाओं की सुरक्षा महत्वपूर्ण है। शिंदे ने इस दौरान गोविंदाओं के लिए साहसी खेल का दर्जा, सरकारी छुट्टी और बीमा जैसी अपनी सरकार की पहलों को भी प्रमुखता से गिनाया।

सेलिब्रिटीज का तड़का और करोड़ों के इनाम इस बार के आयोजनों में ग्लैमर का जबरदस्त तड़का देखने को मिला। मागाठाणे सहित कई प्रमुख आयोजनों में अभिनेता गोविंदा, सुनील शेट्टी और अभिनेत्री मल्लिका शेरावत ने शिरकत की। आयोजनों को और भव्य बनाने के लिए करोड़ों रुपये के इनामों की घोषणा की गई थी, जिससे युवाओं और गोविंदा पथकों का उत्साह चरम पर था।

गोविंदा पथकों का रोमांचक प्रदर्शन मुंबई और ठाणे की सड़कों पर गोविंदाओं का जोश देखते ही बना। विभिन्न पथकों ने 9 मानवी थर (पिरामिड) बनाकर अपनी ताकत और संतुलन का प्रदर्शन किया। रिकॉर्ड स्तर की पुरस्कार राशि और सत्ता समर्थित भव्य आयोजनों ने इस साल के दही हांडी उत्सव को महाराष्ट्र की राजनीति में शक्ति परीक्षण का जरिया बना दिया है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

हार बर्दाश्त नहीं, तो गिरी हरकत पर उतरे पाकिस्तानी: भारतीय खिलाड़ी क्रांति गौड़ को कहा लड़का

Story 1

गाजियाबाद शुद्धिकरण विवाद: सचिन पायलट का भाजपा पर तीखा हमला, बोले- कानून का मजाक क्यों?

Story 1

दिल्ली के मयूर विहार में युवक की बर्बर हत्या: लाठी-डंडों से पीटकर उतारा मौत के घाट

Story 1

PM मोदी का विपक्ष पर तीखा तंज: किसे बताया नाराज फूफा और होम्योपैथिक दवा से क्या है कनेक्शन?

Story 1

दिनेश शर्मा बने अंडमान-निकोबार के नए उपराज्यपाल, लेंगे डीके जोशी की जगह

Story 1

बिहार के मेडिकल छात्रों के लिए बड़ी राहत: दो नए कॉलेजों में 100 नई MBBS सीटों को मिली मंजूरी

Story 1

यूपी में मिशन 2027 का आगाज: विनोद तावड़े ने भरी हुंकार, कहा- तीसरी बार बनेगी NDA सरकार

Story 1

दिल्ली का सत्य निकेतन दहला: हॉस्टल की इमारत ढही, मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका

Story 1

पहाड़ों का सीना चीरेंगे 3 नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे: महाराष्ट्र में शुरू होने जा रहा इंफ्रास्ट्रक्चर का महा-बदलाव

Story 1

छत्तीसगढ़ में मॉनसून फिर सक्रिय: 9 सितंबर तक भारी बारिश का अलर्ट, इन जिलों में रहें सावधान