पुतिन ने अचानक क्यों थमने दिए हमले? ट्रंप के दूतों की शांति मिशन के साथ मॉस्को में एंट्री
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कीव पर हवाई हमलों पर 3 दिन की रोक रूस और यूक्रेन के बीच पिछले 5 वर्षों से जारी विनाशकारी महायुद्ध में अचानक एक बड़ा कूटनीतिक बदलाव देखने को मिला है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शनिवार से राजधानी कीव पर होने वाले सभी हवाई हमलों पर 3 दिनों के लिए रोक (Ceasefire Pause) लगाने का आदेश दिया है। मिसाइलों और ड्रोनों के साए में जी रहे कीव के लोगों के लिए यह एक दुर्लभ राहत है।

ट्रंप के दूतों का क्रेमलिन में डेरा यह फैसला ऐसे वक्त में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दो बेहद करीबी दूत, स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर, शांति वार्ता का प्रस्ताव लेकर मॉस्को पहुंचे हैं। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने पुष्टि की है कि पुतिन शनिवार को इन अमेरिकी प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। ट्रंप ने इस मिशन पर भरोसा जताते हुए कहा है कि उनके पास शांति का एक ठोस प्रस्ताव है और वे इस दिशा में सफल होने के लिए आशान्वित हैं।

जेलेंस्की ने भी दी सकारात्मक प्रतिक्रिया मॉस्को के बाद अमेरिकी दूतों का यूक्रेन पहुंचने का कार्यक्रम है। इस पर यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने भी नरमी दिखाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिकी दल की सुरक्षा के लिए यूक्रेन भी अपनी तरफ से कोई हवाई हमला नहीं करेगा। जेलेंस्की ने कहा, हम यह कदम शांति प्रयासों को मौका देने के लिए उठा रहे हैं। जब तक बातचीत जारी है, रूस को भी अपनी आक्रामकता रोकनी होगी।

युद्ध की विभीषिका के बीच उम्मीद की किरण शांति वार्ता की यह पहल बेहद तनावपूर्ण माहौल में हुई है। मात्र 24 घंटे पहले ही रूस ने कीव में यूक्रेन की खुफिया एजेंसी एसबीयू मुख्यालय पर भीषण ड्रोन हमला किया था, जिसमें दर्जनों मिसाइलें और ड्रोन दागे गए थे। दोनों देश एक-दूसरे के शहरों के भीतर लंबी दूरी तक प्रहार कर रहे हैं, जिससे आम नागरिकों का जीवन दूभर हो गया है।

शांति की राह में अभी भी बड़ी चुनौतियां यद्यपि बातचीत से उम्मीदें बढ़ी हैं, लेकिन जमीनी हकीकत अब भी जटिल है। रूस की शर्त है कि यूक्रेन अपने चार प्रमुख क्षेत्रों पर दावा छोड़े और नाटो में शामिल होने की योजना रद्द करे। वहीं, जेलेंस्की प्रशासन का स्पष्ट रुख है कि वे अपनी एक इंच जमीन भी रूस को नहीं सौंपेंगे। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या ट्रंप के दूत दोनों धुर-विरोधियों को किसी मध्य मार्ग पर राजी कर पाएंगे या यह शांति का प्रयास केवल एक अल्पकालिक विराम बनकर रह जाएगा।

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