450 साल बाद बदला दुनिया का नक्शा: आखिर क्यों मर्केटर को पीछे छोड़ इक्वल अर्थ चुन रहा है UN?
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संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने विश्व मानचित्र को लेकर एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। 164 देशों के समर्थन से पारित करेक्ट द मैप प्रस्ताव ने 16वीं सदी से चले आ रहे मर्केटर प्रोजेक्शन को चुनौती देते हुए इक्वल अर्थ प्रोजेक्शन को अपनाने का रास्ता साफ कर दिया है। इस वोटिंग में अमेरिका ने प्रस्ताव के खिलाफ रुख अपनाया, जबकि 6 देशों ने दूरी बनाए रखी।

मर्केटर प्रोजेक्शन: नेविगेशन के लिए था सही, पर हकीकत से दूर 1569 में फ्लेमिश भूगोलवेत्ता गेरार्डस मर्केटर द्वारा बनाया गया यह नक्शा समुद्री सफर और नेविगेशन को आसान बनाने के लिए तैयार किया गया था। समस्या तब आई जब इसे दुनिया के सामान्य नक्शे के रूप में इस्तेमाल किया जाने लगा। इसमें ध्रुवों (Poles) के पास के देशों को वास्तविक आकार से बहुत बड़ा दिखाया जाता है। उदाहरण के लिए, मर्केटर नक्शे में ग्रीनलैंड और अफ्रीका लगभग बराबर दिखते हैं, जबकि हकीकत में अफ्रीका, ग्रीनलैंड से करीब 14 गुना बड़ा है।

इक्वल अर्थ प्रोजेक्शन: क्या है नया बदलाव? 2018 में कार्टोग्राफर्स द्वारा विकसित इक्वल अर्थ प्रोजेक्शन का उद्देश्य ही मर्केटर की विसंगतियों को दूर करना था। यह एक इक्वल-एरिया मैप है, जो पृथ्वी के घुमाव और महाद्वीपों के वास्तविक अनुपात को सटीकता के साथ प्रदर्शित करता है। इसमें यूरोप छोटा और ब्राजील बड़ा दिखता है, वहीं अफ्रीका अपने सही विशाल स्वरूप में नजर आता है।

क्यों जरूरी था यह बदलाव? टोगो के नेतृत्व में चले इस अभियान में अफ्रीकी संघ समेत कई संगठनों ने तर्क दिया कि नक्शे केवल ड्राइंग नहीं हैं, बल्कि ये हमारी वैचारिक सोच को भी प्रभावित करते हैं। यूएन के अनुसार, नक्शे हमारी शिक्षा और सामूहिक सोच की नींव हैं। अफ्रीका नो फिल्टर जैसे संगठनों का मानना है कि दुनिया के डिजिटल प्लेटफॉर्म्स, स्कूलों और पाठ्यपुस्तकों में अब सटीक मानचित्र होने चाहिए ताकि भविष्य की पीढ़ी को भौगोलिक रूप से सही जानकारी मिले।

क्या अब सब कुछ बदल जाएगा? यह प्रस्ताव किसी भी देश पर नए नक्शे को अपनाने के लिए बाध्यकारी नहीं है, लेकिन यह एक बड़ी वैश्विक सिफारिश है। अब इसका सबसे बड़ा असर स्कूली शिक्षा और भूगोल के सिलेबस पर पड़ेगा। आने वाले समय में हम देख सकते हैं कि दुनिया भर की किताबें और डिजिटल मैप्स अपडेट किए जाएंगे, ताकि नई पीढ़ी मर्केटर की भ्रामक छवियों के बजाय समान क्षेत्रफल वाले वैज्ञानिक नक्शों को पढ़ सकें।

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