दिल्ली में क्यों बरस रहे हैं आफत के बादल ? मानसून के साथ ये विलेन मचा रहे तबाही
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दिल्ली और एनसीआर में पिछले कुछ दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। शहर के कई इलाकों में जलजमाव के कारण ट्रैफिक जाम है और एयरपोर्ट पर भी इसका असर दिख रहा है। लेकिन सवाल ये है कि क्या यह सिर्फ मानसून का असर है? मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इसके पीछे कई जटिल मौसमी कारक जिम्मेदार हैं।

सिर्फ मानसून नहीं, इन सिस्टम्स का है मल्टी-इफ़ेक्ट

मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में बारिश का मौजूदा दौर कई एटमॉस्फेरिक सिस्टम्स के मेल का परिणाम है। उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर बना एक लो-प्रेशर एरिया पूरे इलाके में भारी बारिश और आंधी-तूफान को हवा दे रहा है। यह सिस्टम अगले 24 घंटों तक स्थिर रह सकता है, जिससे हालात अभी सामान्य नहीं होंगे।

इसके अलावा, मॉनसून ट्रफ का त्रिपुरा की ओर बढ़ना, उत्तर-पूर्व राजस्थान से मणिपुर तक फैला एक अन्य ट्रफ और दक्षिण गुजरात से झारखंड तक एक तीसरा ट्रफ सक्रिय है। साथ ही, अपर और मिडिल लेवल पर मौजूद एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस ने माहौल को और अधिक अस्थिर कर दिया है। इन सभी सिस्टम्स ने दिल्ली-एनसीआर में बारिश के लिए परफेक्ट स्टॉर्म जैसी स्थिति बना दी है।

कहां कितनी बरसी आफत?

शुक्रवार को हुई भारी बारिश ने दिल्ली के प्रमुख इलाकों में रिकॉर्ड तोड़ दिए। पालम में सुबह 8:30 से शाम 5:30 बजे के बीच 75.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं, सफदरजंग, लोधी रोड और रिज इलाकों में भी क्रमशः 32.6 मिमी, 34.6 मिमी और 20 मिमी बारिश दर्ज की गई। गुरुग्राम भी इससे अछूता नहीं रहा, जहां 44.5 मिमी बारिश ने सड़कों को तालाब में तब्दील कर दिया।

कब मिलेगी राहत?

मौसम विभाग ने 5 सितंबर को दिनभर हल्की से मध्यम बारिश और आंधी की चेतावनी जारी रखी है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना भी बनी हुई है। हालांकि, राजधानी के निवासियों के लिए अच्छी खबर यह है कि 6 सितंबर से मौसम में सुधार के संकेत हैं। 7 सितंबर से आसमान साफ होने और बारिश की गतिविधियों में काफी कमी आने का अनुमान है।

बीमारियों का खतरा: रहें सावधान

लगातार हो रही बारिश के कारण दिल्ली में जलजमाव से डेंगू और मलेरिया जैसे मच्छरों से होने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इसके अलावा, वायरल फीवर, सर्दी और खांसी के मामले भी तेजी से सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि इस दौरान साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें, जलजमाव न होने दें और किसी भी तरह के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। अपने और अपने परिवार के स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें।

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