नेपाल के त्रिशूली 3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में 9 दिनों तक मौत को मात देकर लौटे संजय साह की कहानी किसी चमत्कार से कम नहीं है। अंधेरे, मलबे और खौफ के बीच फंसे संजय ने बताया कि इस लंबी अग्निपरीक्षा से उन्हें केवल एक ही चीज ने बचाए रखा—प्रभु का नाम।
संजय साह नेपाल बिजली प्राधिकरण में फोरमैन हैं। जिस वक्त सुरंग में आपदा आई, वे कंट्रोल रूम में तैनात थे। उनके पास सुरक्षित बाहर निकलने का मौका था, लेकिन उन्होंने खुद भागने के बजाय अपने साथियों को सचेत करना अपना धर्म समझा। जब तक उन्होंने सबको अलर्ट कर खुद बाहर निकलने की कोशिश की, तब तक टनल में पानी और मलबा भर चुका था।
संजय ने बताया कि सुरंग के घोर अंधेरे में उनके पास न खाना था, न पानी। मौत हर पल सामने खड़ी थी, लेकिन उनका विश्वास नहीं डगमगाया। वे लगातार हरे कृष्णा महामंत्र का जाप करते रहे। इत्तेफाक देखिए कि जिस दिन उन्हें मलबे से बाहर निकाला गया, उस दिन जन्माष्टमी का पावन पर्व था। सेना के जवानों ने जब उन्हें बाहर निकाला, तो उनका चेहरा कीचड़ में सना था, लेकिन आंखों में जिंदा बच जाने की एक अलग ही चमक थी।
संजय अकेले नहीं थे; उनके साथ 3-4 अन्य मजदूर भी टनल के अलग-अलग हिस्सों में फंसे थे। अंधेरे के उस खौफनाक सन्नाटे में वे आपस में आवाजें लगाकर एक-दूसरे का हौसला बढ़ाते रहे। संजय का मानना है कि सुरंग बहुत लंबी होने के कारण पानी के तेज बहाव में कई मजदूर अंदर तक बह गए होंगे, इसलिए वहां अभी भी और लोगों के फंसे होने की आशंका है।
नेपाल सेना के रेस्क्यू ऑपरेशन में संजय साह के अलावा 45 वर्षीय मैकेनिकल सुपरवाइजर कबीर महर्जन को भी जिंदा बाहर निकाला गया है। कबीर की हालत नाजुक होने के कारण उन्हें तुरंत हेलीकॉप्टर से काठमांडू के अस्पताल भेजा गया है, जबकि संजय की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
यह त्रासदी 26 अगस्त को नेपाल-चीन सीमा के पास चट्टान और बर्फ खिसकने से आई बाढ़ के कारण हुई थी। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, केवल त्रिशूली नदी के किनारे बनी 6 परियोजनाओं की सुरंगों में करीब 900 लोगों के फंसे होने की आशंका है। वहीं, 11 परियोजनाओं से 600 से ज्यादा मजदूर अभी भी लापता हैं। इस भीषण प्राकृतिक आपदा में अब तक 1,200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और राहत कार्य अभी भी युद्धस्तर पर जारी है।
VIDEO | Nepal: A person identified as Sanjay Shah rescued alive today from the tunnel of Trishuli–3 A Hydropower Project. Visuals of the rescued person.
— Press Trust of India (@PTI_News) September 4, 2026
(Source: Third Party)
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/d8jp61yd2p) pic.twitter.com/kM7nRYZN9p
स्टीयरिंग चूमा, इंजन पर सिर रखकर रोए: ड्राइवर का भावुक विदाई वीडियो वायरल
खूबसूरती के पीछे छिपा ठगी का जाल: मध्य प्रदेश में फर्जी IAS-IPS बनकर कर रहे लाखों की वसूली
भीड़ मुझे मार डालती, वह आत्मरक्षा थी : जंतर-मंतर हमले पर स्वतंत्र भारद्वाज का बड़ा खुलासा
जंतर-मंतर बवाल: कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन से दिल्ली में सियासी पारा गरम, पुलिस की भूमिका पर सवाल
नेपाल आपदा में चमत्कार : 9 दिन तक अंधेरी सुरंग में फंसे रहे 2 मजदूर, सुरक्षित निकाले गए
8 साल का साथ, एक भावुक विदाई: ड्राइवर ने बस को चूमा, वीडियो देख भर आईं लोगों की आंखें
स्वतंत्र भारद्वाज का कबूलनामा : जंतर-मंतर हमले पर मचा बवाल, कानूनी शिकंजे में फंसा मामला
ISRO की बड़ी कामयाबी: GSLV-F17 ने EOS-05 सैटेलाइट को अंतरिक्ष में स्थापित किया, जानें क्या है इसकी खासियत
मिर्जापुर द मूवी: सिनेमाघरों में भौकाल या फ्लॉप? दर्शकों के रिएक्शन ने मचाया सोशल मीडिया पर कोहराम
18 साल का साथ, बस के टायर चूमकर ड्राइवर ने दी भावुक विदाई: वायरल हुआ वीडियो