ISRO की बड़ी कामयाबी: GSLV-F17 ने EOS-05 सैटेलाइट को अंतरिक्ष में स्थापित किया, जानें क्या है इसकी खासियत
News Image

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने एक बार फिर अंतरिक्ष की दुनिया में अपनी धाक जमाई है। ISRO ने सतीश धवन स्पेस सेंटर से GSLV-F17 रॉकेट के जरिए अत्याधुनिक अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट EOS-05 को सफलतापूर्वक लॉन्च कर उसकी तय कक्षा (सब-जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट) में पहुंचा दिया है।

क्या है EOS-05 सैटेलाइट की ताकत?

यह भारत का पहला इमेजिंग सैटेलाइट है, जिसे पृथ्वी से लगभग 36,000 किलोमीटर की ऊंचाई से बर्ड्स-आई व्यू (ऊपर से नजारा) देने के लिए डिजाइन किया गया है। यह सैटेलाइट रियल-टाइम इमेजिंग करने में सक्षम है, जिससे मौसम की सटीक निगरानी, प्राकृतिक आपदाओं की पहचान और कृषि व पर्यावरण के क्षेत्रों में बड़ी मदद मिलेगी। साथ ही, यह भारत की सीमा सुरक्षा और रणनीतिक निगरानी क्षमताओं को भी नई मजबूती देगा।

PSLV और GSLV में क्या है बुनियादी अंतर?

अक्सर लोगों के मन में सवाल आता है कि ISRO के ये रॉकेट (लॉन्च व्हीकल्स) एक-दूसरे से कैसे अलग हैं। मुख्य अंतर उनकी क्षमता और काम करने के तरीके में है:

क्रायोजेनिक तकनीक का महत्व

GSLV की सबसे बड़ी खासियत इसका क्रायोजेनिक इंजन है। इसमें तरल हाइड्रोजन और तरल ऑक्सीजन का उपयोग बेहद कम तापमान पर किया जाता है। यह तकनीक रॉकेट को भारी पेलोड के साथ अंतरिक्ष की बहुत ऊंची कक्षाओं तक पहुंचने के लिए आवश्यक थ्रस्ट (धक्का) प्रदान करती है।

सरल शब्दों में समझें अंतर

| विशेषता | PSLV | GSLV | | :--- | :--- | :--- | | मुख्य उपयोग | पोलर ऑर्बिट (छोटे सैटेलाइट) | जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट (भारी सैटेलाइट) | | चरण (Stages) | 4 चरण | 3 चरण | | इंजन क्षमता | मध्यम | अत्यधिक शक्तिशाली (क्रायोजेनिक) | | लागत | किफायती | अधिक (जटिल तकनीक के कारण) |

ISRO के इस मिशन की सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भारत न केवल बड़े सैटेलाइट लॉन्च करने में सक्षम है, बल्कि अपनी जटिल रॉकेट तकनीक में भी आत्मनिर्भर हो चुका है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

राम मंदिर के पहले CEO पर ओवैसी का तीखा हमला, पूछा- जांच रिपोर्ट क्यों छिपाई जा रही?

Story 1

यूक्रेन दौरे पर जयशंकर: जेलेंस्की का सनसनीखेज दावा- रूसी ड्रोन हमले से बचाया भारतीय प्रतिनिधिमंडल

Story 1

स्मृति मंधाना का ऐतिहासिक धमाका: मिताली राज को पछाड़ बनीं महिला क्रिकेट की रन मशीन

Story 1

मिर्जापुर द मूवी रिव्यू: बड़े पर्दे पर कालीन भैया और गुड्डू पंडित का भौकाल , क्या फिल्म ब्लॉकबस्टर है?

Story 1

12 छक्के, 8 चौके और 39 गेंदों में शतक: दासुन शनाका ने CPL में रचा इतिहास, गेंदबाजों की ली खबर

Story 1

स्मृति मंधाना का ऐतिहासिक धमाका: तोड़ा मेग लैनिंग और मिताली राज का महारिकॉर्ड

Story 1

हैट्रिक पर हैट्रिक: 24 साल के इस गेंदबाज ने रचा इतिहास, क्रिकेट जगत में मचा हड़कंप

Story 1

इंदौर: होटल में प्रेमिका के साथ रंगे हाथों पकड़ा गया BSF सब-इंस्पेक्टर, पत्नी ने खोली पोल

Story 1

युजवेंद्र चहल का जादू: काउंटी क्रिकेट में बेन स्टोक्स को ऐसे किया क्लीन बोल्ड, वीडियो वायरल

Story 1

हबीबी, ईरान आओ ना : अमेरिका की धमकी पर ईरान का तीखा तंज, ट्रंप को कहा अंकल सैम