दिल्ली में अब कारोबार करना होगा बेहद आसान: एक ही क्लिक पर मिलेंगे सभी लाइसेंस, तीन साल तक इंस्पेक्टर राज से मुक्ति
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दिल्ली में अपना बिजनेस शुरू करना अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने जैसा नहीं रहेगा। दिल्ली सरकार ने कारोबारियों को बड़ी राहत देते हुए दिल्ली ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बिल, 2026 को मंजूरी दे दी है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य सरकारी तंत्र को नियंत्रण के बजाय भरोसे और सुविधा पर आधारित बनाना है।

सिंगल विंडो से मिलेगी हर मंजूरी

नई व्यवस्था के तहत, उद्यमियों को अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। सरकार एक सिंगल विंडो सिस्टम लॉन्च करेगी, जहाँ रजिस्ट्रेशन, लाइसेंस और एनओसी (NOC) जैसी सभी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध होंगी। इसमें बिजली, पानी, सीवर कनेक्शन, फायर और बिल्डिंग प्लान की मंजूरी भी शामिल होगी। डीएसआइआईडीसी (DSIIDC) को इस पूरे सिस्टम के लिए नोडल एजेंसी बनाया गया है, जो आवेदनों के निस्तारण के लिए सीधे तौर पर जवाबदेह होगी।

3 साल की निरीक्षण फ्री छूट

सरकार ने कारोबारियों को सबसे बड़ी राहत इंस्पेक्टर राज से दी है। नए बिल के अनुसार, पंजीकरण के बाद पहले तीन वर्षों तक सामान्य परिस्थितियों में किसी भी नियमित निरीक्षण (Inspection) की आवश्यकता नहीं होगी। हालांकि, किसी गंभीर शिकायत की स्थिति में ही जांच की जा सकेगी। इससे व्यापारियों को अनावश्यक दबाव और परेशानियां नहीं झेलनी पड़ेंगी।

तय समय में जवाब नहीं, तो स्वतः मंजूरी

इस बिल की सबसे क्रांतिकारी विशेषता डीम्ड अप्रूवल (Deemed Approval) है। यदि सरकारी विभाग तय समय सीमा के भीतर किसी आवेदन पर फैसला नहीं लेते हैं, तो उसे स्वतः स्वीकृत मान लिया जाएगा। साथ ही, अब सरकार आवेदक से वे दस्तावेज दोबारा नहीं मांगेगी, जो उसके पास पहले से किसी अन्य विभाग में मौजूद हैं।

नेगेटिव लिस्ट से मिलेगी आजादी

सरकार अब नेगेटिव लिस्ट आधारित मॉडल अपनाएगी। इसके तहत कोई भी कारोबारी कहीं भी अपनी गतिविधि शुरू कर सकेगा, बशर्ते वह गतिविधि नकारात्मक सूची (Negative List) में न हो। इस सूची में केवल अत्यधिक जोखिम वाली गतिविधियां ही शामिल की जाएंगी, जिससे अधिकांश व्यवसायों को नियमों के जाल से मुक्ति मिलेगी।

दस्तावेजों का बोझ होगा कम

पहले से जीएसटी, एफएसएसएआई (FSSAI) या एमएसएमई (MSME) में पंजीकृत व्यवसायों को अब दोबारा व्यापार, स्वास्थ्य या दुकान एवं प्रतिष्ठान से संबंधित अलग से पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं होगी।

कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद, अब इस विधेयक को अंतिम स्वीकृति के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास भेजा जाएगा। इस पहल से उम्मीद है कि दिल्ली में न केवल नए स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि व्यावसायिक माहौल भी अधिक पारदर्शी और सुगम बनेगा।

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