लखनऊ में धंसी VIP सड़क: पूर्व डिप्टी CM के घर के पास 10 फीट गहरा गड्ढा, बाइक समेत गिरे दो भाई
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लखनऊ में लगातार हो रही बारिश अब जानलेवा साबित होने लगी है। आईटी क्रॉसिंग के पास वीआईपी इलाके में मुख्य मार्ग अचानक धंस गया, जिससे 10 फीट से अधिक गहरा गड्ढा बन गया। इस हादसे में बाइक सवार दो भाई गड्ढे में समा गए, जिनमें से एक गंभीर रूप से घायल हो गया है।

सांसद के आवास के पास हुआ हादसा यह घटना राजधानी के बेहद संवेदनशील और वीआईपी क्षेत्र में हुई है। गड्ढा ठीक उस जगह बना, जिसके बगल में पूर्व डिप्टी सीएम और राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा का सरकारी आवास है। इस इलाके में सड़क धंसने की खबर से हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को बमुश्किल बाहर निकाला गया और अस्पताल पहुंचाया गया।

बारिश के कारण नहीं दिखा गड्ढा पीड़ित नितिन प्रजापति ने बताया कि वह अपने भाई के साथ घर लौट रहे थे। बारिश की वजह से सड़क पर बने इस बड़े गड्ढे का अंदाजा नहीं लग पाया और देखते ही देखते उनकी बाइक गहरे खाईनुमा गड्ढे में जा गिरी। गिरने के बाद उसका भाई बेहोश हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के 10-15 मिनट बाद पुलिस मौके पर पहुंची। फिलहाल नगर निगम ने आनन-फानन में गड्ढे को पाटने का काम शुरू कर दिया है।

शहर की इंजीनियरिंग पर उठ रहे सवाल घटनास्थल लखनऊ यूनिवर्सिटी के पास और कृषि निदेशक के दफ्तर के करीब है। इतने व्यस्त और महत्वपूर्ण इलाके में सड़क का इस तरह धंसना नगर निगम और लोक निर्माण विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। लोगों का कहना है कि अगर वीआईपी इलाकों की सड़कों का यह हाल है, तो शहर के बाकी हिस्सों की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।

कानपुर में भी दोहराया गया था ऐसा मंजर यह कोई पहली बार नहीं जब भारी बारिश ने शहर की सड़कों की पोल खोली हो। इससे पहले कानपुर के जाजमऊ में भी ऐसी ही घटना सामने आई थी, जहां 18 फीट गहरा गड्ढा बन गया था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वहां भी पुराने गड्ढों की मरम्मत में तकनीकी मानकों की अनदेखी की गई थी, जिसके कारण बारिश में जमीन धंस गई।

क्या सबक लेगा प्रशासन? लखनऊ और कानपुर की ये घटनाएं संकेत दे रही हैं कि शहर की सड़कों के नीचे की जमीन खोखली हो चुकी है। बिना तकनीकी जांच के गड्ढों को सिर्फ ऊपर से भर देना महज एक खानापूर्ति है। सवाल यह है कि वीआईपी इलाकों में भी ऐसी लापरवाही कब तक जारी रहेगी और भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोकने के लिए प्रशासन कब ठोस कदम उठाएगा?

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