बिश्केक में आयोजित SCO समिट की एक फैमिली फोटो इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बनी हुई है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने समिट की जो तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की, उसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई बड़े नेताओं को क्रॉप कर हटा दिया गया था। इस हरकत ने कूटनीतिक गलियारों में तीखी बहस छेड़ दी है।
आखिर फोटो में क्या हुआ? 1 सितंबर को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में सदस्य देशों के नेताओं की पारंपरिक ग्रुप फोटो ली गई थी। पाकिस्तान PMO ने जो तस्वीर पोस्ट की, उसमें केवल रूस, चीन, उज्बेकिस्तान, ताजिकिस्तान और किर्गिस्तान के राष्ट्रपति नजर आए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा बेलारूस, ईरान और कजाकिस्तान के राष्ट्राध्यक्ष भी उस तस्वीर से गायब थे।
इस क्रॉपिंग का सीधा असर यह हुआ कि पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ तस्वीर में केंद्र में और अधिक प्रमुख दिखाई देने लगे। दिलचस्प बात यह रही कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसी कार्यक्रम की पूरी ग्रुप फोटो साझा की, जिसमें सभी नेता मौजूद थे।
सोशल मीडिया पर क्यों मचा बवाल? तस्वीर सामने आते ही नेटिजन्स ने इसे राजनयिक शिष्टाचार के खिलाफ बताया। कई विशेषज्ञों ने इसे पाकिस्तान की दिखावे की राजनीति करार दिया। पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर ने भी इसे पाकिस्तान की संकीर्ण मानसिकता से जोड़कर आलोचना की। सोशल मीडिया पर इसे सस्ता स्टंट कहा गया, हालांकि कुछ लोगों का तर्क है कि यह केवल खराब एडिटिंग भी हो सकती है।
आतंकवाद पर मोदी के संदेश का असर? यह विवाद ऐसे समय में हुआ जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने SCO मंच से आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संदेश दिया था। उन्होंने बिना नाम लिए पाकिस्तान को चेतावनी दी कि जो देश आतंकवाद का इस्तेमाल अपनी नीति के औजार के तौर पर करते हैं, उन्हें स्पष्ट संदेश जाना चाहिए कि आतंकवाद रणनीतिक संपत्ति नहीं हो सकता। ऐसे में तस्वीर की क्रॉपिंग को भारत-पाकिस्तान के बीच जारी तल्खी के रूप में भी देखा जा रहा है।
पुतिन के साथ वीडियो भी चर्चा में समिट के दौरान का एक और वीडियो वायरल हुआ, जिसमें रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आगे बढ़ते दिखते हैं और शहबाज शरीफ उन्हें बातचीत के लिए रोकने की कोशिश करते हैं। इस वीडियो को लेकर भी सोशल मीडिया पर तरह-तरह के कयास लगाए गए।
विवाद बढ़ता देख शरीफ ने बदली रणनीति बढ़ते विवाद के बीच, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बाद में अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से वही पूरी फैमिली फोटो पोस्ट की। अपनी पोस्ट में उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तान के कथित बलिदानों और जल संसाधनों के मुद्दे पर बात की। हालांकि, पीएमओ द्वारा पहले अधूरी तस्वीर साझा करना और बाद में पूरी तस्वीर डालना, यह दर्शाता है कि पाकिस्तान सरकार इस विवाद को ज्यादा लंबा खींचने के पक्ष में नहीं थी।
क्या यह पाकिस्तान की जानबूझकर की गई पेटी पॉलिटिक्स थी या केवल एक एडिटिंग की गलती? आधिकारिक तौर पर तो इसे स्पष्ट नहीं किया गया है, लेकिन SCO जैसे वैश्विक मंच पर ऐसी हरकत ने निश्चित रूप से पाकिस्तान की कूटनीति पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
Prime Minister Muhammad Shehbaz Sharif in a group photo with heads of States at the SCO Council of Heads of State Summit in Bishkek, Kyrgyzstan on 1 September 2026. pic.twitter.com/3lsruWHaYV
— Prime Minister s Office (@PakPMO) September 1, 2026
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