बिश्केक में ऐतिहासिक नजारा: एक ही कार में पहुंचे मोदी और पुतिन, वर्ल्ड नोमैड गेम्स का शानदार आगाज
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किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में सोमवार को वर्ल्ड नोमैड गेम्स 2026 का भव्य उद्घाटन हुआ। बिश्केक एरिना में आयोजित इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की एक साथ एंट्री ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। दोनों नेता एक ही कार में सवार होकर आयोजन स्थल पर पहुंचे, जो वैश्विक कूटनीति के लिहाज से एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

विश्व नेताओं का महाकुंभ उद्घाटन समारोह में किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सादिर जापारोव के अलावा चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन समेत एससीओ (SCO) सदस्य देशों के कई शीर्ष नेता मौजूद रहे। यह आयोजन किर्गिस्तान के स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया, जिसने बिश्केक को दुनिया की नजरों का केंद्र बना दिया।

110 देशों की भागीदारी और टीम इंडिया का दम वर्ल्ड नोमैड गेम्स के इस छठे संस्करण में 110 से ज्यादा देश हिस्सा ले रहे हैं। भारत ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराते हुए 87 सदस्यीय दल भेजा है। इस दल में 73 खिलाड़ी, 10 सांस्कृतिक प्रतिनिधि और चार वैज्ञानिक प्रतिभागी शामिल हैं। भारतीय एथलीट विभिन्न पारंपरिक खेलों में अपनी चुनौती पेश करेंगे।

43 खेलों का समावेश प्रतियोगिता में इस बार कुल 43 पारंपरिक खेलों को शामिल किया गया है। इनमें कुश्ती के विभिन्न प्रारूपों जैसे गोलेश, कुराश और मंगोल बोख के अलावा घुड़सवारी, कोक बोरू, रस्साकशी, ओर्डो और स्ट्रॉन्गमैन जैसी चुनौतीपूर्ण प्रतियोगिताएं आकर्षण का केंद्र रहेंगी।

संस्कृति और विज्ञान का संगम इन खेलों का दायरा केवल मैदान तक सीमित नहीं है। आयोजन के दौरान इको ऑफ नोमैड्स , नोमैड फेस्ट , आर्ट लैब और एथनो-बाजार जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। इसके साथ ही, घुमंतू समुदायों की समृद्ध विरासत और पारंपरिक ज्ञान पर चर्चा के लिए एक विशेष वैज्ञानिक कार्यक्रम भी रखा गया है, ताकि इन संस्कृतियों को संरक्षित किया जा सके।

एक गौरवशाली परंपरा की वापसी वर्ल्ड नोमैड गेम्स की शुरुआत 2012 में किर्गिस्तान, अजरबैजान, कजाखस्तान और तुर्किये द्वारा हस्ताक्षरित बिश्केक घोषणा से हुई थी। पहला आयोजन 2014 में हुआ। किर्गिस्तान ने 2016 और 2018 में इसकी मेजबानी की थी। 2022 में तुर्किये और 2024 में कजाखस्तान के बाद, अब यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट एक बार फिर अपनी जन्मभूमि किर्गिस्तान में लौट आया है। प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति ने भारत और किर्गिस्तान के बीच गहरे होते खेल और सांस्कृतिक संबंधों को एक नई दिशा दी है।

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