लखनऊ में नेशनल हैंडलूम डे के एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए बबुआ शब्द का इस्तेमाल कर पिछली सरकारों की कार्यशैली और जीवनशैली पर तंज कसा।
बबुआ की मस्तानी जीवनशैली सीएम योगी ने कटाक्ष करते हुए कहा कि कुछ लोग जीवनभर बच्चे ही बने रहते हैं। उन्होंने बबुआ की दिनचर्या का मजाक उड़ाते हुए कहा, वे 12 बजे तक सोते थे, 2 बजे तक तैयार होते थे, शाम को 5 बजे जिम जाने का समय हो जाता था और 7 बजे महफिल सज जाती थी। इसके बाद उनका देश-दुनिया से कोई लेना-देना नहीं रहता था।
दंगों के लिए पुरानी सरकार जिम्मेदार मुख्यमंत्री ने पुरानी व्यवस्था और दंगों के सीधा संबंध बताया। उन्होंने कहा, जब नेतृत्व का काम सिर्फ वोट बैंक की राजनीति करना हो, तो आम जनता का भला नहीं हो सकता। इसी लापरवाही के कारण प्रदेश में आए दिन दंगे होते थे और महीनों तक कर्फ्यू लगा रहता था।
2017 से पहले का काला अध्याय योगी आदित्यनाथ ने 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश को याद दिलाते हुए कहा कि उस दौर में बिजली, सड़क और बुनियादी सुविधाओं का भारी अभाव था। उन्होंने दावा किया कि पहले विकास की गति बेहद धीमी थी और आम नागरिक खुद को उपेक्षित महसूस करता था।
सुरक्षा का मुद्दा: न बेटियां सुरक्षित थीं, न व्यापारी कानून व्यवस्था पर बात करते हुए सीएम ने कहा कि यूपी का पुराना दौर बेहद खौफनाक था। उन्होंने जोर देकर कहा कि उस समय न तो बेटियां सुरक्षित थीं, न व्यापारी और न ही हस्तशिल्प कारीगर। उन्होंने वर्तमान सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि आज प्रदेश में सुरक्षा और कानून का राज कायम है।
विकास और बदलाव की तुलना नेशनल हैंडलूम डे के मंच से सीएम का यह बयान सीधे तौर पर विपक्ष की कार्यप्रणाली को चुनौती देने वाला था। उन्होंने सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य वोट बैंक नहीं, बल्कि हर गरीब और कारीगर का कल्याण है।
*कुछ लोग जीवन भर बच्चे ही बने रहते हैं, बबुआ भी यही करते थे...
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) August 7, 2026
इसी कारण दंगे होते थे, महीनों-महीनों कर्फ्यू रहता था... pic.twitter.com/W2BM0VoKP2
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