झारखंड में 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (JPSC) को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बीच, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बन गया है, जिसमें वे JPSC का फुल फॉर्म बताने में असमर्थ नजर आ रहे हैं।
क्या है वायरल वीडियो का सच? वायरल वीडियो में एक पत्रकार स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी से JPSC का फुल फॉर्म पूछता है। मंत्री पहले इस सवाल को नजरअंदाज करते हैं। जब पत्रकार बार-बार सवाल दोहराते हैं, तो मंत्री यह कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं कि जिन लोगों को पता है, उनसे पूछिए।
इसके बाद जब पत्रकार उन्हें याद दिलाते हैं कि उन्होंने खुद एक दिन पहले परीक्षा को लेकर सवाल उठाए थे, तो मंत्री ने पल्ला झाड़ते हुए कहा, पहले भाजपा से पूछिए, वे बता देंगे तो हम भी बता देंगे। मंत्री का यह बयान अब सोशल मीडिया पर विरोधियों के निशाने पर है।
रांची में छात्रों का जोरदार आंदोलन दूसरी ओर, परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रतियोगी छात्रों का प्रदर्शन जारी है। सैकड़ों छात्र रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में डटे हुए हैं। छात्रों का आरोप है कि यह समस्या केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि JPSC और JSSC की भर्तियों में वर्षों से धांधली हो रही है।
प्रदर्शनकारी छात्रों की प्रमुख मांगें हैं कि 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा को तत्काल रद्द किया जाए और पूरे मामले की सीबीआई जांच हो। छात्रों का तर्क है कि 2019 से अब तक हुई सभी विवादित परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
परीक्षा में धांधली और प्रशासनिक हलचल विवाद तब और गहरा गया जब परीक्षा परिणाम के बाद श्रेणीवार कटऑफ जारी नहीं किया गया और सोशल मीडिया पर कुछ ओएमआर शीट वायरल हुईं। बढ़ते दबाव के बीच राज्य सरकार ने जांच शुरू की, जिसके चलते आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष एल. खियांग्ते को इस्तीफा देना पड़ा। परीक्षा संचालन से जुड़े कुछ अधिकारियों पर भी गाज गिरी है और मुख्य परीक्षा को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।
सरकार की जांच बनाम छात्रों का अविश्वास मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों से चर्चा के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन किया है। फिलहाल मामले की जांच सीआईडी कर रही है, लेकिन प्रदर्शनकारी छात्र इस जांच से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि उन्हें केवल सीबीआई जांच पर ही भरोसा है।
हाईकोर्ट की दहलीज पर मामला यह विवाद अब झारखंड हाईकोर्ट पहुंच चुका है। परीक्षा की चयन प्रक्रिया, मॉडल आंसर और कटऑफ को चुनौती देते हुए कई याचिकाएं दाखिल की गई हैं। अदालत ने आयोग से इस संबंध में जवाब मांगा है। अब सभी की निगाहें 14 सितंबर 2026 को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं।
*जिस व्यक्ति को JPSC का फुल फॉर्म नहीं पता वो झारखंड सरकार में स्वास्थ्य मंत्री है,
— खुरपेंच (@khurpenchh) August 6, 2026
नाम: इरफान अंसारी
पार्टी: कॉंग्रेस pic.twitter.com/HjcqPM47Y5
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