प्रशांत किशोर का NCP को विजय मंत्र : सुनेत्रा-पार्थ पवार को दिए संगठन बदलने के बड़े सुझाव
News Image

बिहार के बांकीपुर उपचुनाव में अपनी रणनीतिक कुशलता साबित करने के बाद, चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। मुंबई में एनसीपी नेता सुनेत्रा पवार के साथ उनकी मुलाकात ने राज्य के सियासी गलियारों में कई अटकलों को जन्म दे दिया है।

देवगिरी में हुई अहम बैठक दक्षिण मुंबई स्थित सरकारी आवास देवगिरी में हुई इस बैठक में प्रशांत किशोर ने एनसीपी के भविष्य, चुनावी रणनीति और संगठन को मजबूत करने पर लंबी चर्चा की। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब महाराष्ट्र की राजनीतिक स्थितियां तेजी से बदल रही हैं।

संगठन में बड़े बदलाव की वकालत प्रशांत किशोर ने पार्टी को अधिक सक्रिय बनाने के लिए रिफ्रेश बटन दबाने का सुझाव दिया है। उन्होंने सलाह दी है कि जो पदाधिकारी तीन-चार वर्षों से एक ही पद पर जमे हैं, उन्हें बदलकर नए लोगों को मौका दिया जाए। उन्होंने युवाओं और अनुभवी नेताओं का मिश्रण तैयार करने पर जोर दिया ताकि संगठन में नई ऊर्जा का संचार हो सके।

सुनेत्रा और पार्थ पवार के राज्यव्यापी दौरे रणनीतिकार ने सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार को जनता के बीच सीधे जाने की सलाह दी है। उन्होंने सुझाव दिया कि दोनों नेता महाराष्ट्र के जिलों का दौरा करें। प्रशांत किशोर का मानना है कि कार्यकर्ताओं और आम जनता के साथ सीधा संवाद ही पार्टी की पकड़ को जमीनी स्तर पर मजबूत करेगा।

पहली महिला उपमुख्यमंत्री की ब्रांडिंग बैठक के दौरान एक बेहद दिलचस्प सुझाव सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, प्रशांत किशोर ने सुनेत्रा पवार की राजनीतिक छवि को निखारने के लिए उन्हें महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट करने की सलाह दी है। इसके साथ ही, उन्होंने उन्हें सप्ताह में दो दिन पूरी तरह से संगठनात्मक और प्रशासनिक कार्यों के लिए समर्पित करने को कहा है।

लाडकी बहिन योजना पर फोकस महिला वोट बैंक को साधने के लिए प्रशांत किशोर ने राज्य सरकार की माझी लाडकी बहिन योजना को मास्टरस्ट्रोक बनाने का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि इस योजना की लाभार्थी महिलाओं के साथ विशेष संवाद कार्यक्रम चलाए जाएं, ताकि पार्टी की छवि महिलाओं के बीच एक शुभचिंतक के रूप में और पुख्ता हो सके।

बीजेपी की सतर्क प्रतिक्रिया इस मुलाकात पर भाजपा का रुख काफी सतर्क है। पार्टी ने संकेत दिया है कि महायुति गठबंधन की एकता सबसे बड़ी प्राथमिकता है और ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जाना चाहिए जिससे गठबंधन को नुकसान पहुंचे। इसे राजनीतिक जानकारों द्वारा बीजेपी की ओर से एक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

क्या प्रशांत किशोर का यह विजय मंत्र एनसीपी को आने वाले चुनावों में संजीवनी दे पाएगा? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन फिलहाल इस बैठक ने महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा जरूर छेड़ दी है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

उनका कोई चांस नहीं... : वर्ल्ड कप 2027 के स्क्वाड से इन दो धाकड़ खिलाड़ियों को बाहर देख हैरान हैं फैंस!

Story 1

क्या पाकिस्तान की सेना अब एक आतंकी संगठन बन चुकी है? आर्मी चीफ मुनीर पर लगे गंभीर आरोप

Story 1

प्रशांत किशोर की मराठा पॉलिटिक्स में एंट्री: सुनेत्रा पवार के साथ मुलाकात से बढ़ी हलचल, BJP ने दी नसीहत

Story 1

उत्तराखंड के लाल का कमाल: अब हवा में उड़ेगी कार, पहाड़ों की यात्रा होगी मिनटों का खेल

Story 1

हाथी के सामने बेखौफ दौड़ाती रही कार, महिला की बहादुरी पर भड़के लोग

Story 1

खून से लथपथ स्कूल: दादा-दादी को मारकर आठवीं के छात्र ने मचाया तांडव, 8 की मौत

Story 1

रहस्यमयी कुआं: गुजरात में पानी की लहरों ने बढ़ाई हलचल, प्रशासन भी हैरान

Story 1

संसद: हर मिनट 2.5 लाख का खर्च, फिर भी कामकाज ठप; आखिर कौन चुका रहा है इसकी भारी कीमत?

Story 1

दिल्ली-NCR में रेड अलर्ट : मूसलाधार बारिश से थमी रफ्तार, जलजमाव और जाम से बेहाल जनता

Story 1

गुजरात के इस कुएं में क्यों उठ रहीं लहरें? मोरबी की रहस्यमयी घटना के पीछे की वैज्ञानिक सच्चाई