उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने गोरखपुर विश्वविद्यालय की लचर व्यवस्था पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद में विश्वविद्यालय के भीतर भोजन की खराब गुणवत्ता और बाहरी टिफिन सर्विस को लेकर उन्होंने न केवल नाराजगी जताई, बल्कि गंभीर सुरक्षा चिंताएं भी व्यक्त कीं।
भंगार तेल और मां जैसी चिंता गोरखपुर प्रवास के दौरान राज्यपाल विश्वविद्यालय के हॉस्टल का निरीक्षण करने पहुंची थीं। वहां छात्रों के भोजन का डिब्बा खोलते ही उन्होंने तेल की गुणवत्ता पर सवाल उठा दिए। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, मैं एक गृहिणी रही हूं, सालों तक रसोई देखी है। मैंने पूछा, यह तेल है या भंगार (खराब) ऑयल? राज्यपाल ने नाराजगी जताते हुए भोजन के सैंपल सील करवाए और उन्हें जांच के लिए लखनऊ भेजने का निर्देश दिया।
टिफिन से ड्रग्स और शराब का खतरा राज्यपाल ने सबसे ज्यादा आपत्ति इस बात पर जताई कि लड़कों के हॉस्टल में मेस बंद है और छात्र बाहर से टिफिन मंगाकर खा रहे हैं। उन्होंने सुरक्षा के लिहाज से इसे बड़ी चूक बताते हुए कहा, बाहर से आने वाले टिफिन के जरिए परिसर में ड्रग्स और शराब भी पहुंच सकती है। अगर ऐसा हो रहा है, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को तुरंत बाहरी टिफिन व्यवस्था बंद कर परिसर में ही शुद्ध भोजन की व्यवस्था करने का कड़ा निर्देश दिया है।
अधिकारियों पर नहीं है भरोसा जांच प्रक्रिया को लेकर राज्यपाल ने कहा कि उन्हें अधिकारियों पर भरोसा नहीं है कि वे सैंपल नहीं बदलेंगे। इसी के चलते उन्होंने दूसरा सैंपल खुद अपने पास रखा है ताकि निष्पक्ष जांच हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे केवल एक राज्यपाल के रूप में नहीं, बल्कि एक मां के रूप में यह बात कह रही हैं, क्योंकि स्वास्थ्य से खिलवाड़ छात्रों के भविष्य को बर्बाद कर सकता है।
सपा का ट्रबल इंजन वार राज्यपाल के इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए कहा कि गोरखपुर मॉडल की पोल खुल गई है। उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए लिखा कि आपसी टकराहट ने डबल इंजन की सरकार को अब ट्रबल इंजन बना दिया है।
सुशासन के दावों पर सवाल वही, सपा नेता आई.पी. सिंह ने राज्यपाल के बयान को मुख्यमंत्री के कथित सुशासन की कलई खोलने वाला बताया। उन्होंने कहा कि जब मुख्यमंत्री के अपने शहर में व्यवस्था का यह हाल है, तो प्रदेश के अन्य जिलों की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। राज्यपाल के इस खुलासे ने योगी सरकार को बैकफुट पर ला दिया है और विपक्ष अब सीएम से इस व्यवस्थागत विफलता पर जवाब मांग रहा है।
*‘गोरखपुर मॉडल’ की पोल खोलते-खोलते तुलना के रूप में ‘गुजरात मॉडल’ की घपलेबाज़ी की बात भी सामने आ गई। दोनों में जो बातें कॉमन हैं वो ये हैं कि दोनों जगह भाजपाई सरकार है और भाजपाई महा-भ्रष्टाचार भी।
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) August 7, 2026
आपसी टकराहट ने तो ‘डबल इंजन’ को ‘ट्रबल इंजन’ बना दिया है। pic.twitter.com/QuLve7YDcP
दिल्ली-NCR में बारिश का कोहराम: रेड अलर्ट के बीच धंसते मकान और थम गई रफ्तार
FCRA संशोधन पर अमेरिकी टिप्पणी का भारत का कड़ा प्रहार: कहा- यह हमारा आंतरिक मामला, दखल बर्दाश्त नहीं
पाक के सुन्नी कार्ड का भारत ने निकाला तोड़: अग्नि-4 और रफाल से दुश्मन देश बेहाल
बदरीनाथ का गार्ड निकला शातिर चोर, चढ़ावा चुराकर लेता था तस्वीरों में कलेक्शन की फोटो
चमोली का रहस्यमयी गोपीनाथ मंदिर : जहां शिव ने धारण किया था गोपी का रूप
भारत-इजरायल डिफेंस डील का सच: विदेश मंत्रालय ने वायरल दावे को बताया फेज
UPI और MDR पर सियासी घमासान: जयराम रमेश ने सरकार के दावों को बताया भ्रामक
मानसून का रौद्र रूप: दिल्ली में रेड अलर्ट, असम में 97 मौतें और पहाड़ों में थमी जिंदगी
प्रशांत किशोर की मराठा पॉलिटिक्स में एंट्री: सुनेत्रा पवार के साथ मुलाकात से बढ़ी हलचल, BJP ने दी नसीहत
सऊदी, तुर्की और पाकिस्तान का नया डिफेंस पैक्ट: क्या बदलेंगे मिडिल ईस्ट के समीकरण?