सांसद पप्पू यादव का संसद परिसर में किया गया मौन नाटक अब कानूनी पचड़े में फंस गया है। राम मंदिर दान पेटी को लेकर किए गए इस प्रदर्शन के बाद वाराणसी में उनके और अन्य विपक्षी सांसदों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इस मामले में प्रयागराज कोर्ट ने उन्हें 11 अगस्त को पेश होने का समन भी भेजा है।
क्या है पूरा विवाद? 31 जुलाई को संसद परिसर में एक नाटकीय प्रदर्शन हुआ था। इसमें पप्पू यादव साधु के वेश में थे और विपक्षी सांसद दान पेटी में चंदा डाल रहे थे, जिसके बाद पप्पू यादव पेटी लेकर भागने का अभिनय करते दिखे। भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य बताते हुए दिल्ली पुलिस को लिखित शिकायत दी है।
पप्पू यादव का तीखा पलटवार एफआईआर दर्ज होने पर भड़के पप्पू यादव ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि संसद से जुड़े मामलों में लोकसभा स्पीकर की अनुमति के बिना केस कैसे दर्ज किया जा सकता है? उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि क्या शिकायत करने वालों को संसदीय कानूनों की जानकारी नहीं है? उन्होंने इसे विशेषाधिकार का उल्लंघन बताया है।
सांसदों को क्या है अधिकार? संविधान के अनुच्छेद 105 के तहत सांसदों को संसदीय विशेषाधिकार प्राप्त हैं। सदन के भीतर कही गई किसी भी बात या किए गए कृत्य के लिए उन पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हो सकती। सांसदों को यह आजादी इसलिए दी गई है ताकि वे जनता के मुद्दों को बिना किसी डर के उठा सकें।
कब हो सकती है कानूनी कार्रवाई? विशेषाधिकार का मतलब कानून से पूरी छूट नहीं है। यदि कोई सांसद संसद परिसर में आपराधिक गतिविधि (जैसे रिश्वत लेना) में लिप्त पाया जाता है, तो उस पर केस दर्ज हो सकता है और गिरफ्तारी भी संभव है। हालांकि, सिविल मामलों में गिरफ्तारी से सुरक्षा मिलती है। नियम के अनुसार, संसद सत्र के दौरान और सत्र के 40 दिन पहले-बाद तक किसी सांसद को दीवानी (सिविल) मामलों में गिरफ्तार नहीं किया जा सकता।
स्पीकर की भूमिका क्या है? संसद परिसर के भीतर किसी भी प्रकार की गिरफ्तारी या कार्रवाई के लिए लोकसभा स्पीकर या राज्यसभा सभापति की अनुमति अनिवार्य है। यदि सत्र के दौरान संसद के बाहर किसी सांसद पर क्रिमिनल केस में कार्रवाई होती है, तो संबंधित अधिकारियों को स्पीकर को इसकी सूचना देना आवश्यक होता है। अब सबकी निगाहें 11 अगस्त पर टिकी हैं, जब पप्पू यादव को प्रयागराज कोर्ट में पेश होना है।
*VIDEO | Monsoon Session: Independent MP Pappu Yadav (@pappuyadavjapl) says, Without the Speaker s order, how can you file a case, it is a matter of Parliament, the daughter of Sushma Swaraj is there only to file cases against Rahul Gandhi, the Prayagraj court has given a notice,… pic.twitter.com/e0VpdU4m7h
— Press Trust of India (@PTI_News) August 5, 2026
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