दिल्ली: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने सत्ता से बेदखल होने के दो साल बाद पहली बार सार्वजनिक तौर पर अपनी बात रखी है। दिल्ली में एफसीसी साउथ एशिया कार्यक्रम के दौरान वर्चुअल माध्यम से जुड़ीं हसीना ने भावुक होते हुए कहा कि वह अपने देश और वहां के लोगों से कभी अलग नहीं हुई हैं। फिलहाल, भारत में रह रहीं पूर्व पीएम ने संकेत दिया है कि वह इस साल दिसंबर में बांग्लादेश लौट सकती हैं।
यह वह बांग्लादेश नहीं है जिसे हमने बनाया था हसीना ने कैमरा ऑफ रखकर अपनी बात रखी, लेकिन उनकी आवाज में दर्द साफ झलक रहा था। उन्होंने कहा, मैंने पिछले दो वर्षों में अपने प्यारे बांग्लादेश को घुटते और पीड़ित होते देखा है। यह वह देश नहीं है जिसके लिए 1971 में 30 लाख लोगों ने बलिदान दिया था। उन्होंने दावा किया कि आज वहां लिबरेशन वॉर की भावना रखने वाला कोई भी व्यक्ति सुरक्षित नहीं है।
छात्र आंदोलन के नाम पर हिंसा जुलाई और अगस्त 2024 की हिंसा पर बात करते हुए हसीना ने इसे शांतिपूर्ण छात्र आंदोलन मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ संगठित समूहों ने छात्रों की मांगों को हिंसक राजनीतिक हथियार में बदल दिया था। उनके अनुसार, 5 अगस्त के बाद यह पूरी तरह से राजनीतिक जुल्म का कैंपेन बन गया है, जिसमें अवामी लीग के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है।
भयावह आंकड़े: 10,000 मौतें और लाखों गिरफ्तारियां पूर्व प्रधानमंत्री ने बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति पर डर पैदा करने वाले आंकड़े पेश किए। उन्होंने दावा किया कि:
इतिहास और यादगारों को किया नष्ट हसीना ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ 600 से ज्यादा झूठे केस दर्ज किए गए हैं। उन्होंने अफसोस जताया कि बांग्लादेश की आजादी के प्रतीकों को अपमानित किया जा रहा है। उन्होंने कहा, आजादी के लड़ाकों को जूतों की माला पहनाई जा रही है। बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान के ऐतिहासिक घर, जिसे म्यूजियम बनाया गया था, उसे भी तबाह कर दिया गया है।
सियासी हलचल तेज शेख हसीना की इस वर्चुअल उपस्थिति ने बांग्लादेश की राजनीति में फिर से हलचल पैदा कर दी है। हालांकि, बांग्लादेश की ओर से पहले ही भारत को चेतावनी दी जा चुकी है कि वह भगोड़े अपराधी को पनाह देकर द्विपक्षीय संबंधों को प्रभावित न करे। अब देखना यह है कि दिसंबर तक का उनका यह दावा हकीकत में बदलता है या नहीं।
#LISTEN | In a virtual interaction with the media in Delhi, former Bangladesh PM Sheikh Hasina says, ...I speak as someone who has spent her life with the people of Bangladesh and was forced away from my country, but I was never separated from my people...
— ANI (@ANI) August 5, 2026
(Source:… pic.twitter.com/R3kL0mXKgB
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