बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में मिली जीत के बाद जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर ने बिहार की राजनीति का पारा चढ़ा दिया है। उन्होंने इस जीत को महज एक सीट की कामयाबी नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और एनडीए नेतृत्व के लिए एक कड़ा संदेश बताया है।
जंगलराज से समझौता मंजूर नहीं प्रशांत किशोर ने सीधे शब्दों में कहा कि बिहार की जनता अब और भ्रम में नहीं रहने वाली है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस जंगलराज के खिलाफ बीजेपी ने जनादेश मांगा था, उसी के किसी व्यक्ति को भगवा चादर ओढ़ाकर कुर्सी पर बैठा देना जनता को स्वीकार नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता भाजपा के वर्तमान चाल, चरित्र और चेहरे से सहज नहीं है।
नेतृत्व बदलने की सीधी मांग पीके ने साफ किया कि उनका लक्ष्य सरकार गिराना नहीं, बल्कि नेतृत्व बदलना है। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार अपना कार्यकाल पूरा करे, लेकिन मुख्यमंत्री पद पर किसी काबिल और शिक्षित व्यक्ति को बैठाया जाए। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि भाजपा का यह अहंकार कि कुत्ता-बिल्ली को भी खड़ा करेंगे तो जीत जाएंगे , उसे जनता ने आईना दिखा दिया है।
इन तीन वादों पर मिला जनता का साथ प्रशांत किशोर ने अपनी जीत के पीछे तीन मुख्य स्तंभ बताए। उन्होंने कहा कि बांकीपुर की जनता ने निम्नलिखित मुद्दों पर मुहर लगाई है:
भाजपा और विपक्ष पर तीखी टिप्पणी प्रशांत किशोर ने स्पष्ट किया कि बिहार के लोगों को सम्राट चौधरी का नेतृत्व स्वीकार्य नहीं है। वहीं, विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि जनता ने विपक्ष की भूमिका तय कर दी है। अब अगले चार साल यह देखना दिलचस्प होगा कि विपक्ष अपनी जिम्मेदारी कितनी गंभीरता से निभाता है।
अंत में प्रशांत किशोर ने पीएम मोदी और अमित शाह से अपील करते हुए कहा कि वे बिहार के लोगों की चिंता करें और राज्य को एक ऐसा मुख्यमंत्री दें जो विकास की बात कर सके। बांकीपुर का परिणाम एक संकेत है कि बिहार अब बदलाव के लिए तैयार है।
#WATCH | Patna, Bihar: Jan Suraaj Chief Prashant Kishor says, The Bankipur victory is seen as a message the people of Bihar have sent to the BJP and NDA leadership: make a better person the Chief Minister of Bihar and focus on the promises they made when they came to power...… pic.twitter.com/Lo6synzxw0
— ANI (@ANI) August 4, 2026
भारत को मनहूस बताने वाली निवेदिता मेनन का सच: जेएनयू की पूर्व प्रोफेसर के विवादित बयानों का कच्चा-चिट्ठा
न सैलरी, न पेंशन, फिर भी हमले क्यों? : ममता बनर्जी का बीजेपी पर तीखा प्रहार
तृषा कृष्णन पर भद्दी टिप्पणी: उदयनिधि स्टालिन की बढ़ी मुश्किलें, खुशबू सुंदर ने मांगी सार्वजनिक माफी
बांकीपुर उपचुनाव: मीसा भारती का बड़ा दावा, प्रशांत किशोर को बताया बीजेपी की बी-टीम
रूस के दो प्रमुख शहरों पर यूक्रेन का घातक ड्रोन हमला: रिफाइनरी और वेयरहाउस में लगी भीषण आग, 5 की मौत
वफादारी की मिसाल: परिवार की रक्षा के लिए कोबरा से एक घंटे तक भिड़ा टॉमी , बचा ली अपनों की जान
गोलियां चलाकर दमन, फिर भी चुनाव का ढोंग : PoK में भारत ने पाकिस्तान का नकाब उतारा
आसमान में खौफ: एअर इंडिया की फ्लाइट में जोरदार टर्बुलेंस, यात्रियों के सिर-हाथ पर गंभीर चोट
क्या आपकी पसंदीदा व्हिस्की और रम पर लग गया बैन? FSSAI की बड़ी कार्रवाई से मची हलचल
क्लास में खर्राटे लेते मास्टर जी और मोबाइल में खोए बच्चे: यूपी के सरकारी स्कूल का वीडियो वायरल