1 करोड़ युवा, 28 हजार केंद्र: PM मोदी ने क्यों छेड़ी देश की सबसे बड़ी नशा मुक्त मुहिम?
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नई दिल्ली: विकसित भारत के सपने को हकीकत में बदलने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रव्यापी नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान की भव्य शुरुआत कर दी है। यह अभियान महज एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत की अमृत पीढ़ी को बचाने का एक सामाजिक आंदोलन है।

अमृत पीढ़ी को बचाने का संकल्प प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं को देश की सबसे बड़ी पूंजी बताते हुए कहा कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति तभी संभव है, जब देश का युवा शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ हो। उन्होंने साफ कहा कि नशे के जाल में फंसा कोई भी समाज राष्ट्र निर्माण के महायज्ञ का हिस्सा नहीं बन सकता।

28,000 केंद्रों पर एक साथ हुंकार इस अभियान की व्यापकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह कार्यक्रम देश भर के 28,000 से अधिक केंद्रों पर एक साथ आयोजित हुआ। इसमें करोड़ों युवाओं ने डिजिटल माध्यम से जुड़कर नशा मुक्त भारत की सामूहिक शपथ ली।

अध्यात्म और तकनीक का अनूठा संगम इस मुहिम में तकनीक के साथ-साथ आध्यात्मिक चेतना का भी समावेश किया गया है। कार्यक्रम में गुरुदेव श्री श्री रविशंकर, पूज्य दाजी, डॉ. चिन्मय पांड्या और स्वामी ब्रह्मविहारीजी जैसे प्रमुख आध्यात्मिक गुरुओं ने शिरकत की। साथ ही, ब्रह्माकुमारीज़, इस्कॉन और चिन्मय मिशन जैसे 125 से अधिक संगठनों ने इस अभियान को अपना महाकवच प्रदान किया है।

डिजिटल सैलाब और जनभागीदारी इस महाअभियान में स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के लाखों छात्रों के साथ-साथ माई भारत (MY Bharat) के वॉलंटियर्स और NSS के सदस्यों ने हिस्सा लिया। सरकार के आंकड़ों के अनुसार, इस अभियान में भागीदारी करने वाले युवाओं की संख्या 1 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई है, जो इसकी सफलता की पहली बड़ी सीढ़ी मानी जा रही है।

स्वस्थ युवा ही विकसित भारत की नींव केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही समृद्ध राष्ट्र की नींव होते हैं। सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है—युवाओं को नशे के दलदल से बाहर निकालकर उन्हें देश के विकास का सारथी बनाना। यह अभियान केवल जागरूकता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे जमीनी स्तर पर एक बड़े सामाजिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

लक्ष्य स्पष्ट: नशा मुक्त भारत सरकार का मानना है कि नशा युवाओं की ऊर्जा को भीतर से खोखला कर रहा है। इस संकल्प अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं को सही दिशा दिखाना और उन्हें नशीली ताकतों के खिलाफ एकजुट करना है ताकि 2047 के भारत का भविष्य सुरक्षित और सशक्त रह सके।

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