कीव बना श्मशान: 48 घंटे में रूस का दूसरा बड़ा प्रहार, 9 लोगों की दर्दनाक मौत
News Image

यूक्रेन की राजधानी कीव एक बार फिर रूसी मिसाइलों के घातक हमले से दहल उठी है। शनिवार, 1 अगस्त 2026 की तड़के रूस ने बैलिस्टिक मिसाइलों से रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया। इस भीषण हमले में 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 27 अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। मृतकों और घायलों में मासूम बच्चे भी शामिल हैं।

आधी रात को गूंजे धमाके हमले की शुरुआत शनिवार रात करीब 1:33 बजे हुई। यूक्रेन की वायु सेना ने सतर्क करते हुए बताया कि मिसाइलें राजधानी की ओर बढ़ रही हैं। इसके बाद तड़के 3:20 बजे तक सिलसिलेवार धमाके होते रहे। कीव के मेयर विटाली क्लिट्स्को ने नागरिकों को तुरंत बंकरों में शरण लेने की चेतावनी दी, लेकिन तब तक शहर का एक बड़ा हिस्सा मलबे में तब्दील हो चुका था।

तबाही का मंजर: डार्निट्स्की जिला सबसे ज्यादा प्रभावित आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, सबसे अधिक मानवीय क्षति डार्निट्स्की जिले में हुई है, जहां 7 लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। राहत और बचाव कार्य में जुटी स्टेट इमरजेंसी सर्विस ने मलबे से अभी तक 105 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है। हमले में रिहायशी इमारतों के अलावा कई गोदाम, कार वॉश सेंटर और पार्किंग स्थल पूरी तरह खाक हो गए हैं।

मलबे में दबी जिंदगियां सोलोमियांस्की जिले में एक पांच मंजिला इमारत पर मिसाइल का मलबा गिरने से भीषण आग लग गई, जिसमें कई लोग अंदर फंस गए। मेयर क्लिट्स्को ने बताया कि इमारत का एक हिस्सा ढह जाने के कारण बचाव कार्य में भारी चुनौती का सामना करना पड़ा। वहीं, शेवचेंकोवस्की जिले में भी कई एंबुलेंस और कमर्शियल इमारतें हमले की भेंट चढ़ गईं।

रूस की नई रणनीति और यूक्रेन का संकट रक्षा जानकारों का मानना है कि रूस अब यूक्रेन के एयर डिफेंस सिस्टम को थकाने के लिए बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल कर रहा है। जिरकॉन और इस्कंदर जैसी मिसाइलों को रोकना यूक्रेन के लिए बेहद मुश्किल हो गया है क्योंकि उनके पास पैट्रियट मिसाइल इंटरसेप्टर का भंडार खत्म होने की कगार पर है।

ट्रंप का यू-टर्न बढ़ाएगा मुश्किलें इस बीच, अमेरिका से मदद मिलने की उम्मीद भी कम होती दिख रही है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन को पैट्रियट मिसाइल बनाने का लाइसेंस देने के अपने पुराने वादे से कदम पीछे खींच लिए हैं। हालिया कैबिनेट बैठक में ट्रंप ने स्पष्ट किया कि इतनी उच्च तकनीक साझा करना एक कठिन कदम है और फिलहाल इस पर कोई समझौता नहीं हुआ है। हथियारों की इस कमी के बीच यूक्रेन के लिए अपने नागरिकों को बचाना बड़ी चुनौती बन गया है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

अंकित शर्मा हत्याकांड: ताहिर हुसैन की उम्रकैद तक का सफर, तारीख दर तारीख समझिए पूरी टाइमलाइन

Story 1

आसिम मुनीर की नाकामी का ढाल बना अमेरिका, पाकिस्तान की नई साजिश से ट्रंप प्रशासन में खलबली

Story 1

क्रिकेटर बनने का था सपना, चोट से लड़कर रचा इतिहास: तेजस्विन शंकर ने डेकाथलॉन में जीता ब्रॉन्ज

Story 1

गालियां देने वाले भी मेरे बच्चे : पीएम मोदी का बड़ा दिल, बोले- उन्हें माफ कर राह दिखाना मेरा काम

Story 1

91 साल में पहली बार: तेजस्विन शंकर का डेकाथलन कांस्य किसी स्वर्ण से कम क्यों नहीं?

Story 1

मोरक्को से घिरा, स्पेन का हिस्सा: अफ्रीका से यूरोप का मिनी गेटवे कैसे बना खूनी रणक्षेत्र?

Story 1

पेपर लीक माफियाओं की अब खैर नहीं; एंटी पेपर लीक कानून लागू, 10 साल की जेल और 10 करोड़ का जुर्माना

Story 1

सेउटा बॉर्डर पर खूनी संघर्ष: 57 प्रवासियों की मौत, स्पेन ने सीमा पर उतारी सेना

Story 1

CWG 2026: एक पूर्व तेज गेंदबाज ने नीरज चोपड़ा को पछाड़ा, कॉमनवेल्थ गेम्स में जैवलिन थ्रो का बड़ा उलटफेर

Story 1

सावधान! गुजरात में कुदरत का कहर: अगले 24 घंटे रेड अलर्ट, घरों से बाहर न निकलें लोग