प्रधानमंत्री मोदी पर अभद्र टिप्पणी मामले में आरोपी युवती का माफीनामा वायरल, कहा- मेरी गलती अक्षम्य है
News Image

नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल करने वाली रुचिका सिंह का एक माफीनामा वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। इसमें वह अपनी घोर गलती स्वीकार करती नजर आ रही हैं।

दोस्तों के दबाव में हुई गलती वायरल वीडियो में हाथ जोड़कर माफी मांगती रुचिका ने बताया कि वह उस दिन कनॉट प्लेस घूमने गई थीं और वहां मौजूद विरोध प्रदर्शन में शामिल हो गईं। उन्होंने स्वीकार किया कि वह अपने आसपास मौजूद लोगों के उकसावे में आकर गलत नारे लगा बैठीं।

खुद को आईने में देखना मुश्किल अपनी सफाई में 15 वर्षीय रुचिका ने कहा, मैंने जो कुछ भी कहा, वह बिल्कुल भी माफ करने लायक नहीं है। मुझे अपनी हरकतों पर बेहद शर्मिंदगी है। मैं खुद को देख भी नहीं पा रही हूं। यह मेरी पहली और आखिरी गलती है, कृपया मुझे माफ कर दें।

PM मोदी की उदारता के बाद आया वीडियो यह माफीनामा प्रधानमंत्री मोदी के उस बयान के कुछ घंटों बाद सामने आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों द्वारा उनके और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ इस्तेमाल किए गए अपशब्दों से उन्हें दुख तो हुआ, लेकिन युवाओं को गलतियों से सीखने का मौका मिलना चाहिए। उन्होंने समाज से उन बच्चों को सही रास्ता दिखाने की अपील की थी।

क्या है कानूनी मामला? रुचिका के खिलाफ 29 जुलाई को नोएडा के एक्सप्रेसवे पुलिस स्टेशन में जीरो FIR दर्ज की गई थी। उन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 352, 353(1) और 356(1) के तहत मामला दर्ज हुआ है। अब इस केस की जांच दिल्ली का पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन कर रहा है।

पुलिस की जांच और सोसाइटी का रुख जांचकर्ताओं के मुताबिक, रुचिका अपनी मां के साथ नोएडा की एक सोसाइटी में रहती थीं। घटना के बाद से ही घर बंद है और सुरक्षाकर्मियों का कहना है कि वह वहां वापस नहीं लौटी हैं। पुलिस ने केस के संबंध में सोसाइटी के निवासियों से पूछताछ भी की है।

विरोध और समर्थन के सुर इस FIR पर प्रतिक्रिया देते हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास ने कानूनी कार्रवाई का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि अभद्र भाषा का समर्थन नहीं किया जा सकता, लेकिन विरोध के लिए आपराधिक मुकदमा चलाना अभिव्यक्ति की आजादी के लिए खतरनाक है। उन्होंने मानहानि जैसे नागरिक कानूनों का उपयोग करने की वकालत की है।

*

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

अंकित शर्मा हत्याकांड: उम्रकैद के बाद ताहिर हुसैन पर मचे सियासी बोल, मौलाना ने बताया नेक इंसान

Story 1

अंकित शर्मा हत्याकांड: ताहिर हुसैन को फांसी क्यों नहीं? अदालत ने उम्रकैद के पीछे गिनाईं ये ठोस वजहें

Story 1

क्या फ्लैट कल्चर में सिमट गई है जिंदगी? सोशल मीडिया पर छिड़ी अपने घर बनाम अपार्टमेंट की बहस

Story 1

भारत और लेसोथो की दोस्ती को नई उड़ान: किंगडम इन द स्काई के साथ रणनीतिक साझेदारी पर बड़ा दांव

Story 1

NEET पेपर लीक पर राघव चड्ढा की चुप्पी का सच: शोर नहीं, अब ठोस समाधान पर काम

Story 1

भिवंडी में बड़ा हादसा: कोहिनूर अपार्टमेंट ढहा, 9 लोगों की दर्दनाक मौत; उच्चस्तरीय जांच के आदेश

Story 1

मां को गाली दी, पर मैं माफ करता हूं : जंतर-मंतर कांड पर पीएम मोदी का भावुक संदेश

Story 1

एलपीजी सिलेंडर के दामों में भारी कटौती: कमर्शियल उपभोक्ताओं को बड़ी राहत

Story 1

ये गुमराह बच्चे हैं, इन्हें राह दिखाना हमारा काम : पीएम मोदी ने युवाओं के लिए की भावुक अपील

Story 1

आसिम मुनीर की नाकामी का ढाल बना अमेरिका, पाकिस्तान की नई साजिश से ट्रंप प्रशासन में खलबली