19 साल बाद कोलकाता लौटीं तसलीमा नसरीन: निर्वासन से वापसी तक का संघर्ष
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बांग्लादेश में जन्मीं चर्चित और विवादित लेखिका तसलीमा नसरीन 19 साल के लंबे अंतराल के बाद कोलकाता लौटी हैं। रेड बॉर्डर वाली सफेद साड़ी और सनग्लासेज पहने तसलीमा जब एयरपोर्ट पर उतरीं, तो उनके चेहरे पर घर वापसी की खुशी साफ झलक रही थी। उन्होंने कोलकाता को अपना दूसरा घर बताते हुए कहा कि उन्हें वापस आकर बेहद अच्छा लग रहा है।

अचानक क्यों छोड़ना पड़ा था शहर? साल 2007 में तसलीमा नसरीन के उपन्यास द्विखंडित को लेकर कोलकाता में हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए थे। अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में उनके खिलाफ भारी आक्रोश था और फतवे जारी किए गए थे। स्थिति बिगड़ने के बाद उन्हें सुरक्षा कारणों से चुपचाप कोलकाता से दिल्ली भेज दिया गया था। उस समय राज्य सरकार ने उनकी सुरक्षा का हवाला देते हुए उन्हें शहर से बाहर रहने के लिए मजबूर किया था।

मुमकिन नहीं था लौटना, पर राज्य सरकार ने दी मदद कोलकाता पहुँचने पर मीडिया से बात करते हुए तसलीमा ने कहा, मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरा यहाँ आना कभी मुमकिन हो पाएगा। उन्होंने सेक्युलर मिशन ट्रस्ट के उस्मान गनी मल्लिक का आभार जताया, जिन्होंने इस यात्रा को संभव बनाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें पिछली सरकारों से मदद नहीं मिली थी, लेकिन मौजूदा राज्य सरकार ने उन्हें सुरक्षा प्रदान की है, जिससे उनका कोलकाता आना संभव हो सका है।

अभिव्यक्ति की आजादी पर जोर तसलीमा ने इस दौरान लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आजादी पर जोर दिया। उन्होंने कहा, अभिव्यक्ति की आजादी के बिना लोकतंत्र संभव नहीं है। किसी भी लेखक या कलाकार को सिर्फ अलग विचारों के चलते उनके देश या शहर से बाहर नहीं निकाला जाना चाहिए। उन्होंने आशा जताई कि भविष्य में वे बुक फेयर और साहित्यिक कार्यक्रमों के लिए बार-बार कोलकाता आ सकेंगी।

दो बार निर्वासन का दर्द तसलीमा नसरीन के लिए यह निर्वासन का जीवन नया नहीं है। इससे पहले 1994 में अपनी किताब लज्जा के प्रकाशन के बाद उन्हें बांग्लादेश छोड़ना पड़ा था। कट्टरपंथियों ने उनकी किताब को इस्लाम विरोधी करार दिया और उनके खिलाफ फांसी की मांग उठी। ईशनिंदा के आरोपों के बाद वे स्वीडन और जर्मनी में भी रहीं। अब स्वीडिश नागरिक बन चुकीं तसलीमा 31 जुलाई 2026 को रवींद्र सदन में आयोजित एक विशेष साहित्यिक कार्यक्रम में सम्मानित की जाएंगी, जिसमें पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।

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