भोपाल की शांत प्रशासनिक राजधानी इन दिनों एक बड़े राजनीतिक और कृषि संकट के केंद्र में है। नर्मदापुरम से शुरू हुआ किसानों का विशाल काफिला पुलिस के तमाम सुरक्षा घेरों को तोड़ते हुए राजधानी की सड़कों पर उतर आया है। हजारों किसान अनाज की बोरियों और राशन के साथ सावरकर सेतु पर डेरा जमा चुके हैं।
सावरकर सेतु पर जमे किसान, क्या होगा अगला कदम? लगभग 2,000 से अधिक किसान ट्रैक्टरों और पूरी तैयारी के साथ भोपाल पहुंचे हैं। संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के नेतृत्व में हो रहे इस प्रदर्शन में किसानों ने साफ कर दिया है कि वे केवल आश्वासन से मानने वाले नहीं हैं। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर तत्काल ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो वे मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करेंगे। फिलहाल, पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है।
क्यों सरकार की नींद उड़ा रही है मूंग की मांग? किसानों की सबसे प्रमुख मांग राज्य में उत्पादित मूंग की 100% खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सुनिश्चित करने की है। इसके साथ ही, ई-टोकन व्यवस्था की तकनीकी खामियां और खाद वितरण में हो रही देरी ने किसानों के गुस्से को और भड़का दिया है। किसान आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं और लिखित आश्वासन से कम पर झुकने को तैयार नहीं हैं।
शिवराज के नाम आपातकालीन चिट्ठी किसानों के बढ़ते दबाव के बीच राज्य सरकार हरकत में आ गई है। कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को एक आपातकालीन पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराया है। आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में 8.06 लाख मीट्रिक टन मूंग का उत्पादन हुआ है, जबकि केंद्र का खरीद लक्ष्य केवल 4.54 लाख मीट्रिक टन है। सरकार को डर है कि लक्ष्य नहीं बढ़ा तो राज्य में बड़ा असंतोष फैल सकता है।
देश की 40% मूंग और मध्य प्रदेश की चिंता मध्य प्रदेश देश का सबसे बड़ा मूंग उत्पादक राज्य है, जिसकी कुल उत्पादन में 40% हिस्सेदारी है। सरकार का तर्क है कि यह केवल एक राज्य का मुद्दा नहीं बल्कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा से जुड़ा सवाल है। कृषि मंत्री ने किसानों के साथ बैठक कर उन्हें मनाने की कोशिश की है, लेकिन सावरकर सेतु पर जलते चूल्हे और किसानों का अडिग रवैया इशारा कर रहा है कि भोपाल में आने वाले दिन बेहद तनावपूर्ण हो सकते हैं।
किसानों की मुख्य मांगें:
क्या मोहन यादव सरकार इस बड़ी प्रशासनिक और राजनीतिक चुनौती से निपट पाएगी? फिलहाल, सबकी निगाहें केंद्र सरकार के फैसले और किसानों के अगले कदम पर टिकी हैं।
*#WATCH | Bhopal, MP | Farmers marched from Narmadapuram to Bhopal demanding 100% procurement of moong crop at Minimum Support Price (MSP) and related issues. (28.07) pic.twitter.com/xUVmEfBYR4
— ANI (@ANI) July 28, 2026
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