कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय धावक गुलवीर सिंह ने इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया है। ग्लासगो में आयोजित मेंस 10,000 मीटर रेस में गुलवीर ने सिल्वर मेडल जीतकर देश को गौरवान्वित किया है। इस इवेंट में मेडल जीतने वाले वे पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं।
समझदारी और गति का सटीक मिश्रण गुलवीर सिंह ने 27:49.78 का समय लेकर यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। उन्होंने पूरी दौड़ के दौरान अद्भुत संयम और रणनीति का परिचय दिया। बारिश के बीच हुई इस दौड़ में वे लंबे समय तक लीडर ग्रुप के साथ बने रहे और अपनी ऊर्जा बचाकर रखी। आखिरी लैप के दौरान उन्होंने अपनी जबरदस्त गति का प्रदर्शन करते हुए एक प्रतिद्वंद्वी को पीछे छोड़ा और पोडियम पर दूसरा स्थान सुरक्षित किया।
केन्या और युगांडा को पछाड़ा इस दौड़ की सबसे बड़ी चौंकाने वाली बात यह रही कि लंबी दूरी की दौड़ में दुनिया भर में दबदबा रखने वाले केन्या और युगांडा जैसे देश पोडियम तक नहीं पहुंच सके। गुलवीर ने उनसे बेहतर प्रदर्शन करते हुए ऑस्ट्रेलिया के काई रॉबिन्सन के बाद दूसरा स्थान हासिल किया। इस स्पर्धा में आइल ऑफ मैन के डेविड मुल्लार्की को ब्रॉन्ज मेडल मिला।
किसान परिवार से सेना तक का सफर उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के सिरसा गांव में एक किसान परिवार में जन्मे गुलवीर सिंह का सफर प्रेरणादायक है। 1998 में जन्मे गुलवीर ने कभी एथलेटिक्स में करियर नहीं सोचा था। 2018 में भारतीय सेना में खेल कोटे से भर्ती होने के बाद उन्होंने दौड़ना शुरू किया। आज, ग्रेनेडियर्स में जूनियर कमीशंड ऑफिसर के रूप में तैनात गुलवीर भारत के सबसे प्रमुख लॉन्ग-डिस्टेंस रनर के रूप में उभरे हैं।
पदकों की झड़ी: भारत के नाम 12 मेडल ग्लासगो गेम्स में उसी दिन वेटलिफ्टर हरजिंदर कौर ने भी भारत को सिल्वर मेडल दिलाया। हरजिंदर ने महिलाओं की 69 किग्रा कैटेगरी में 227 किलो वजन उठाकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। इस जीत के साथ ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के पदकों की कुल संख्या अब 12 हो गई है, जिसमें 2 गोल्ड, 7 सिल्वर और 3 ब्रॉन्ज शामिल हैं।
गुलवीर सिंह की यह जीत न केवल एक मेडल है, बल्कि भारत के लिए उस सूखे का अंत है, जो बरसों से लॉन्ग-डिस्टेंस ट्रैक इवेंट्स में कायम था।
*𝐆𝐥𝐚𝐬𝐠𝐨𝐰 𝐂𝐨𝐦𝐦𝐨𝐧𝐰𝐞𝐚𝐥𝐭𝐡 𝐆𝐚𝐦𝐞𝐬: 𝐈𝐧𝐝𝐢𝐚 𝐰𝐨𝐧 𝟐 𝐦𝐞𝐝𝐚𝐥𝐬 𝐭𝐨𝐝𝐚𝐲, 𝐛𝐨𝐭𝐡 𝐒𝐢𝐥𝐯𝐞𝐫!
— India_AllSports (@India_AllSports) July 28, 2026
🥈 𝐇𝐚𝐫𝐣𝐢𝐧𝐝𝐞𝐫 𝐊𝐚𝐮𝐫 | 𝐖𝐞𝐢𝐠𝐡𝐭𝐥𝐢𝐟𝐭𝐢𝐧𝐠
🥈 𝐆𝐮𝐥𝐯𝐞𝐞𝐫 𝐒𝐢𝐧𝐠𝐡 | 𝟏𝟎,𝟎𝟎𝟎𝐦 #Glasgow2026 #Glasgow2026withIAS pic.twitter.com/94Tw5XtKJ6
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