कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) एक बार फिर सुर्खियों में है। सोमवार शाम हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी ने मोदी सरकार को चेतावनी दी है कि यदि प्रदर्शनकारियों पर दर्ज FIR वापस नहीं ली गईं, तो जंतर-मंतर पर फिर से आंदोलन शुरू होगा। इस बीच, रात 1 बजे सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास और रत्ना सिंह का एक लाइव वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
आधी रात का खुलासा रात करीब 1 बजे जब सौरव दास और रत्ना सिंह लाइव आए, तो उन्होंने सरकार के साथ हुई हालिया मुलाकातों और समझौतों के उल्लंघन पर विस्तार से बात की। इस वीडियो ने पार्टी के समर्थकों और विरोधियों दोनों का ध्यान खींचा है। चर्चाओं के केंद्र में अब रत्ना सिंह हैं, जिन्हें अभिजीत दिपके का राइट हैंड और पार्टी का मुख्य रणनीतिकार कहा जा रहा है।
कौन हैं रत्ना सिंह? रत्ना सिंह का नाम पहली बार तब चर्चा में आया जब 26 जून को CJP ने अपनी महिला प्रवक्ताओं की लिस्ट जारी की। हालांकि, उनका परिचय केवल एक प्रवक्ता तक सीमित नहीं है। रत्ना एक जानी-मानी वकील हैं और दिल्ली हाई कोर्ट में प्रैक्टिस करती हैं। एक लीगल जर्नलिस्ट के तौर पर भी उनका एक शानदार करियर रहा है। वे युवाओं को प्रेरित करने के उद्देश्य से सक्रिय राजनीति में आईं।
पार्टी की मास्टरमाइंड रत्ना सिंह को CJP की कोर कमेटी का सबसे अहम सदस्य माना जाता है। मीडिया ब्रीफिंग से लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस और पार्टी की भविष्य की कानूनी रणनीति तैयार करने तक, हर काम में उनकी भूमिका निर्णायक होती है। जंतर-मंतर के सफल आंदोलन में भी उन्होंने मंच संचालन से लेकर सोशल मीडिया कैंपेन और सरकार के साथ बातचीत की मेज तक पार्टी का पक्ष मजबूती से रखा।
कोर टीम की ताकत CJP की सफलता के पीछे एक मजबूत टीम वर्क है। रत्ना सिंह के साथ सौरव दास, आशुतोष रांका, आफरीन नवाज, दीपक बलियान और वैष्णवी गौर जैसे नाम शामिल हैं। इन्हीं लोगों की सामूहिक कोशिशों का नतीजा था कि सरकार को झुकना पड़ा और आखिरकार धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हुआ।
क्या है मामला? CJP का आरोप है कि सरकार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई को वापस लेने के वादे से मुकर रही है। हालांकि, सौरव दास ने अपने हालिया सोशल मीडिया पोस्ट में स्पष्ट किया है कि सरकार के प्रतिनिधियों के साथ 2-3 घंटे चली बैठक में उन्हें बिहार और असम में FIR वापस लेने, भविष्य में कार्रवाई न करने और सभी बंदियों को रिहा करने के आश्वासन मिले थे। अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या यह आश्वासन केवल कागजों तक सीमित रहेंगे या सरकार इसे पूरी तरह लागू करेगी।
*#Important: 1 AM update.
— Saurav Das (@SauravDassss) July 27, 2026
Hours after our press conference, Government’s representatives met us. The meeting lasted for 2-3 hours. They shared copies of the Bihar and Assam notifications guaranteeing FIR withdrawals, no action in future, and release of all detainees and… pic.twitter.com/G7WcHHcfAs
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