NEET-UG विवाद: छात्रों की ढाल बनीं गुरमेहर कौर, कांग्रेस ने जारी किया लीगल SOS हेल्पलाइन
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नई दिल्ली: नीट-यूजी (NEET-UG) पेपर लीक मामले को लेकर हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच अब कांग्रेस ने एक बड़ा कदम उठाया है। प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ हो रही पुलिसिया कार्रवाई को देखते हुए कांग्रेस ने कानूनी सहायता के लिए एक विशेष हेल्पलाइन शुरू की है। इस मुहिम का चेहरा बनी हैं युवा एक्टिविस्ट गुरमेहर कौर।

कांग्रेस का लीगल SOS और वादाखिलाफी का आरोप कांग्रेस ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में छात्रों की गूंज (CKG) लीगल SOS हेल्पलाइन नंबर 98118-67474 जारी किया। पार्टी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने बातचीत के दौरान वादा किया था कि किसी भी छात्र को हिरासत में नहीं लिया जाएगा और न ही कोई पुलिस कार्रवाई होगी, लेकिन हकीकत इसके उलट है।

गुरमेहर कौर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, आज पश्चिम बंगाल से लेकर बिहार तक छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR की एक लंबी फेहरिस्त है। इस मौके पर उनके साथ NSUI के अध्यक्ष विनोद जाखड़ और युवा कांग्रेस की पदाधिकारी रिचा सिंह भी मौजूद रहीं।

दबाव का असर: बिहार सरकार ने वापस लिए केस विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस पूरी पुलिस कार्रवाई के लिए सीधे तौर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को जिम्मेदार ठहराया है। कांग्रेस के इस दबाव और तीखे तेवरों का असर भी देखने को मिला। सोमवार शाम को ही बिहार सरकार ने ऐलान किया कि वह छात्रों के खिलाफ दर्ज किए गए सभी मामले वापस ले रही है और गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों को रिहा कर रही है।

कौन हैं गुरमेहर कौर? कांग्रेस ने इस महत्वपूर्ण अभियान के लिए 29 वर्षीय एक्टिविस्ट गुरमेहर कौर को आगे किया है। गुरमेहर का चयन राजनीतिक रणनीति के तहत माना जा रहा है, क्योंकि नीट-यूजी के खिलाफ हुए प्रदर्शनों में Gen-Z (युवा पीढ़ी) की भूमिका सबसे अहम रही है।

गुरमेहर 1990 के दशक के उत्तरार्ध में जन्मी हैं और एक फौजी परिवार से ताल्लुक रखती हैं। पंजाब के छोटे कस्बों से निकलकर दिल्ली और यूके में पढ़ाई करने वाली गुरमेहर शहरी और शिक्षित युवा वर्ग का प्रतिनिधित्व करती हैं। कांग्रेस का मानना है कि गुरमेहर के जरिए वे देश के आक्रोशित युवाओं से बेहतर तरीके से जुड़ पाएंगे।

संसद से सड़क तक खींचतान NEET-UG का मुद्दा अब केवल छात्रों का आंदोलन नहीं रह गया है, बल्कि यह संसद में भी एक बड़ा राजनीतिक हथियार बन चुका है। कांग्रेस इस मुद्दे को लगातार उठाकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है। अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या लीगल SOS हेल्पलाइन के जरिए कांग्रेस युवाओं के बीच अपनी पैठ बनाने में सफल हो पाती है।

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