मैंने अपनी आंखों के सामने लोगों को मरते देखा... : PoJK में सुरक्षा बलों की फायरिंग से दहला रावलाकोट
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पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) के रावलाकोट में हालात बेकाबू हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर अंधाधुंध फायरिंग करने का गंभीर आरोप लगाया है। यह तनाव तब चरम पर पहुंचा जब जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) और प्रशासन के बीच बातचीत विफल हो गई।

मुजफ्फराबाद मार्च और हिंसा प्रशासन द्वारा मांगें न माने जाने के बाद हजारों प्रदर्शनकारियों ने मुजफ्फराबाद की ओर मार्च शुरू किया था। इसी दौरान सुरक्षा बलों ने उन्हें रोकने के लिए बल प्रयोग किया। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि फायरिंग में कई लोगों की मौत हुई है और बड़ी संख्या में लोग गंभीर रूप से घायल हैं।

सड़कें खून से लथपथ हैं स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता और इन्फ्लुएंसर अकील भाई ने भयावह मंजर का वर्णन करते हुए कहा, मैंने अपनी आंखों के सामने लोगों को मरते देखा है। सड़कें खून से लथपथ हैं और हमारे कंधे शव उठाते-उठाते थक चुके हैं। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में एंबुलेंस और राहत संसाधनों की भारी कमी है, जिसके कारण लोग घायलों को निजी वाहनों का उपयोग कर अस्पताल ले जा रहे हैं।

अंधाधुंध बल प्रयोग के आरोप अकील भाई ने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सेना अपने ही नागरिकों पर गोलियां बरसा रही है। उन्होंने कहा, हमारे ही टैक्स के पैसों से खरीदी गई गोलियों से हमें निशाना बनाया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कम से कम 15 से 20 लोगों को सीधे गोलियां लगी हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।

प्रभावित चुनाव प्रक्रिया इस हिंसक प्रदर्शन का असर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर भी पड़ा है। PoJK के कई क्षेत्रों में विधानसभा चुनाव का प्रचार पूरी तरह बाधित हो गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रावलाकोट और सुधनोती जिलों में चुनाव स्थगित किए जाने की खबरें भी सामने आ रही हैं।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय से गुहार अकील भाई सहित अन्य प्रदर्शनकारियों ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और वैश्विक मीडिया से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है। उनका कहना है कि स्थानीय स्तर पर हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि प्रशासन और राहत दल स्थिति संभालने में पूरी तरह असमर्थ हैं। क्षेत्र में अभी भी भारी तनाव व्याप्त है।

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