जंतर-मंतर बना किले में तब्दील: लोहे की चेन और कीलों से सील हुआ इलाका; भारी पुलिस बल तैनात
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दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच प्रशासन ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। पूरे इलाके को बहु-स्तरीय (multi-layer) बैरिकेडिंग के जरिए एक किले में बदल दिया गया है, ताकि कानून-व्यवस्था को हर हाल में बरकरार रखा जा सके।

अभेद्य घेराबंदी: लोहे की प्लेटों से जकड़े गए बैरिकेड्स इस बार की सुरक्षा व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। बैरिकेड्स को केवल सड़कों पर खड़ा नहीं किया गया है, बल्कि उन्हें लोहे की मोटी प्लेटों, बड़े एंगल्स और कीलों के जरिए सड़क पर स्थायी रूप से जकड़ दिया गया है। बैरिकेड्स को आपस में मजबूत लोहे की जंजीरों से बांधा गया है, ताकि किसी भी स्थिति में इन्हें हटाना नामुमकिन हो।

पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव के हालात अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान हालातों में 130 पुलिसकर्मी घायल हो चुके हैं और करीब 65 छात्रों को भी चोटें आई हैं। अब तक 15 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। प्रदर्शन स्थल पर भीड़ का दबाव इतना अधिक है कि औसतन 10,000 लोग लगातार वहां मौजूद हैं, जिन्हें नियंत्रित करने के लिए 3,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है।

संसद मार्ग पर कड़ी निगरानी जंतर-मंतर के सामने मौजूद संसद मार्ग और उससे जुड़े संवेदनशील इलाकों में पुलिस का कड़ा पहरा है। वरिष्ठ अधिकारी लगातार मौके का जायजा ले रहे हैं। सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए भीड़ की गतिविधियों पर पल-पल नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

यातायात प्रभावित, आम जनजीवन पर असर प्रदर्शन और सुरक्षा घेरे के कारण दिल्ली के केंद्र में आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। कई प्रमुख मार्गों को बंद कर दिया गया है या उन पर यातायात को डायवर्ट किया गया है। प्रशासन की कोशिश है कि प्रदर्शन के दौरान आम नागरिकों को कम से कम परेशानी हो, लेकिन सुरक्षा कारणों से कई रास्तों पर आवाजाही पूरी तरह सीमित कर दी गई है।

प्रशासनिक प्राथमिकता: शांति और व्यवस्था सुरक्षा एजेंसियों का स्पष्ट कहना है कि ये सभी इंतजाम एहतियाती कदम हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि भीड़ के उग्र होने या बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिशों को नाकाम किया जाए। अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन आगे आने वाली चुनौतियों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था में समय-समय पर बदलाव किए जाएंगे। राजधानी में शांति व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बना हुआ है।

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