बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपना इस्तीफा संसद के स्पीकर मेजर (रिटायर्ड) हाफिज उद्दीन अहमद को सौंप दिया है। अप्रैल 2023 में कार्यभार संभालने वाले शहाबुद्दीन का कार्यकाल अभी दो साल शेष था।
विवादों से घिरा रहा कार्यकाल शहाबुद्दीन हाल ही में तब सुर्खियों में आए थे जब लंदन यात्रा के दौरान उन पर पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना से संपर्क साधने के आरोप लगे थे। शेख हसीना वर्तमान में भारत में रह रही हैं। इस मुलाकात की कोशिशों के बाद से ही बांग्लादेश में उनकी राजनीतिक निष्ठा पर सवाल उठने लगे थे।
क्या हसीना से बातचीत पड़ी भारी? राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि शहाबुद्दीन का इस्तीफा केवल स्वास्थ्य कारणों से नहीं है। बीएनपी के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि मामला कहीं अधिक जटिल है। शेख हसीना द्वारा दिसंबर में बांग्लादेश लौटने की घोषणा ने देश का सियासी पारा बढ़ा दिया है। माना जा रहा है कि मौजूदा सरकार शहाबुद्दीन के रुख से असंतुष्ट थी।
अवामी लीग के आखिरी बड़े पदाधिकारी गौरतलब है कि मोहम्मद शहाबुद्दीन अवामी लीग सरकार के इकलौते ऐसे बड़े संवैधानिक पदाधिकारी थे, जो 2024 के राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन और सरकार गिरने के बाद भी अपने पद पर बने हुए थे। उनके इस्तीफे के साथ ही अवामी लीग के दौर का एक और अध्याय समाप्त हो गया है।
अब कौन संभालेगा देश का सर्वोच्च पद? बांग्लादेश के संविधान के अनुसार, यदि राष्ट्रपति अपना कार्यकाल पूरा होने से पहले इस्तीफा देते हैं, तो संसद के अध्यक्ष ही अंतरिम रूप से राष्ट्रपति का कार्यभार संभालते हैं। इस नियम के तहत, अब स्पीकर मेजर (रिटायर्ड) हाफिज उद्दीन अहमद नए राष्ट्रपति के चुनाव तक इस जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगे।
सियासी भविष्य पर नजरें शेख हसीना की वापसी की योजना और वर्तमान सरकार की सख्ती के बीच शहाबुद्दीन का जाना बांग्लादेश की राजनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत है। अब पूरी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या नई सरकार अपनी स्थिति को और मजबूत कर पाएगी, या फिर राष्ट्रपति पद को लेकर कोई नया संवैधानिक संकट खड़ा होगा।
President of Bangladesh, Mohammed Shahabuddin, has submitted his resignation letter to Major (Retd.) Hafiz Uddin Ahmed, Speaker of the Jatiya Sangsad, citing severe health reasons.
— ANI (@ANI) July 24, 2026
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