नई दिल्ली: 26 दिनों की लंबी लड़ाई और बिगड़ती सेहत के बाद आखिरकार सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना अनशन खत्म कर दिया है। गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में उन्होंने जूस पीकर भूख हड़ताल समाप्त की। लेकिन यह फैसला रातों-रात नहीं हुआ, इसके पीछे सरकार और वांगचुक के बीच चली मैराथन बातचीत का बड़ा हाथ है।
क्यों टूटा अनशन? सामने आई पर्दे के पीछे की कहानी सोनम वांगचुक ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय देश में संभावित हिंसा को टालने और सरकार के साथ हुई लंबी बातचीत के बाद लिया गया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया कि विपक्ष के 65 सांसदों ने चिट्ठी लिखकर और मुलाकात कर उनसे अनशन तोड़ने का आग्रह किया था। वांगचुक के अनुसार, सरकार के साथ कुछ शर्तों पर सहमति बनी है, जिनका खुलासा वे जल्द ही एक विस्तृत वीडियो में करेंगे।
PM मोदी का संदेश बना गेम चेंजर इस पूरे घटनाक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हस्तक्षेप निर्णायक साबित हुआ। पीएम ने वीडियो संदेश जारी कर वांगचुक के स्वास्थ्य की कामना की और आश्वासन दिया कि सरकार पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून लाने जा रही है। उन्होंने फास्ट ट्रैक कोर्ट और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने का वादा किया। मोदी के इसी भरोसे के बाद बातचीत का रास्ता साफ हुआ।
क्या धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा अब मुद्दा नहीं? सोनम वांगचुक पहले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े थे, लेकिन अनशन तोड़ते वक्त उन्होंने इस मांग पर कोई जोर नहीं दिया। हालांकि, उनके समर्थकों (सीजेपी) का रुख अभी अलग है। वांगचुक ने भले ही अपना अनशन वापस ले लिया हो, लेकिन अन्य प्रदर्शनकारी अभी भी अपने रुख पर कायम हैं।
हिंसा का डर और शांति की अपील सोनम वांगचुक ने इस बात पर जोर दिया कि वे नहीं चाहते थे कि उनके आंदोलन की वजह से देश में कोई तनाव या हिंसा पैदा हो। अपनी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति के बीच उन्होंने समर्थकों से पूरी तरह सतर्क रहने और शांति बनाए रखने की अपील की है।
अब आगे क्या? सोनम वांगचुक के अनशन खत्म करने के बाद अब नजरें सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच होने वाली अगली बातचीत पर टिकी हैं। आज होने वाली कैबिनेट बैठक में पेपर लीक विरोधी कानून के मसौदे को मंजूरी मिल सकती है, जिसे सरकार जल्द ही संसद के पटल पर रख सकती है। अब सभी को इंतजार है उस वीडियो का, जिसमें वांगचुक उन शर्तों का खुलासा करेंगे जिन पर उन्होंने सरकार के साथ सहमति जताई है।
Just now in the presence of Union Ministers Sh. JP Nadda, Dr. Jitendra Singh and the senior leaders of Apex Body of Leh Ladakh I finally broke my fast after 26 days. Earlier 65 members of parliament from different political parties had visited or signed letters urging me to break… pic.twitter.com/RFCet7Oksy
— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) July 23, 2026
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