दक्षिण गुजरात में मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। वलसाड, नवसारी, सूरत, वापी और डांग जिलों में भारी जलभराव से बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। प्रशासन ने अलर्ट जारी करते हुए राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए हैं।
लगातार हो रही बारिश के कारण वलसाड के निचले इलाकों में पानी भर गया है। कई घरों की निचली मंजिलों तक पानी पहुंचने से लोग अंदर फंस गए, जिन्हें रस्सियों की मदद से सुरक्षित निकाला गया। वापी की आवध बंगला सोसायटी में स्थिति सबसे अधिक भयावह है, जहां पार्किंग में खड़ी गाड़ियाँ पूरी तरह डूब चुकी हैं। वहीं, नवसारी में कावेरी नदी खतरे के निशान (19 फीट) को पार कर 27 फीट पर बह रही है।
भारी बारिश का सीधा असर रेल यातायात पर पड़ा है। बिलिमोरा स्टेशन के पास पटरियों पर पानी भरने के कारण सुरक्षा के मद्देनजर बीकानेर एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों को रोक दिया गया है। घंटों स्टेशन पर फंसे यात्रियों की मदद के लिए स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं और सामाजिक संस्थाओं ने आगे आकर भोजन और पानी उपलब्ध कराया।
23 जुलाई की सुबह 6 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, उमरगांव में 881 मिमी, कपराडा में 710 मिमी और नानापोंधा में 627 मिमी बारिश दर्ज की गई है। वापी में 400 मिमी और नवसारी के वांसदा में 423 मिमी बारिश ने जनजीवन को ठप कर दिया है। प्रशासन ने लोगों को घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है।
राज्य सरकार ने सूरत, वलसाड और नवसारी में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की है। संवेदनशील इलाकों में NDRF की टीमें तैनात कर दी गई हैं। सूरत के पर्वत पाटिया और उधना के साथ-साथ वलसाड के हनुमान बागड़ा और दारुड़िया वार्ड पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
वलसाड के अंभेटी इलाके में कोपरली-वापी सड़क पर एक निजी बस पानी के बीच फंस गई थी। पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए बस में सवार सभी 16 यात्रियों को सकुशल बाहर निकाला। एहतियात के तौर पर इस मार्ग को बैरिकेड लगाकर बंद कर दिया गया है।
*नवसारी, गुजरात: ज़िले में भारी बारिश के कारण कावेरी नदी का जलस्तर 27 फ़ीट तक पहुंच गया है, जो इसके 19 फ़ीट के ख़तरे के निशान से ऊपर है। pic.twitter.com/7CTlMRVRTd
— IANS Hindi (@IANSKhabar) July 23, 2026
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