सक्रिय कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल को समाप्त करने के लिए सरकार और राजनीतिक दलों के सामने तीन शर्तें रखी हैं। आज उनके अनशन का 23वां दिन है और उन्होंने सफदरजंग अस्पताल से एक हस्तलिखित नोट के जरिए अपना रुख स्पष्ट किया है।
अनशन खत्म करने की 3 शर्तें
वांगचुक ने स्पष्ट किया है कि वे अपना अनशन तभी तोड़ेंगे जब निम्नलिखित तीन में से कोई एक स्थिति बनेगी:
अस्पताल में अवैध हिरासत का आरोप
सफदरजंग अस्पताल से जारी नोट में वांगचुक ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें यहां गैर-कानूनी हिरासत में रखा गया है। उन्होंने दावा किया कि उनके आने-जाने, बोलने और लोगों से बातचीत करने की आजादी पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
चलो संसद मार्च और विरोध का शोर
सोमवार को प्रस्तावित चलो संसद मार्च से पहले जंतर-मंतर पर हजारों समर्थकों का जमावड़ा लगा हुआ है। प्रदर्शनकारी शिक्षा व्यवस्था की खामियों, NEET पेपर लीक और छात्रों की आत्महत्या के मामलों पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
प्रशासन का रुख और दिल्ली पुलिस की चेतावनी
वही दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि 20 जुलाई के लिए संसद तक किसी भी मार्च की अनुमति नहीं दी गई है। पुलिस का कहना है कि न तो ऐसी कोई अनुमति मांगी गई थी और न ही उन्हें मंजूरी दी गई है।
अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि क्या सरकार या विपक्षी दल वांगचुक की शर्तों पर कोई प्रतिक्रिया देते हैं, जिससे यह लंबा चला अनशन समाप्त हो सके।
WHEN WILL I END THE FAST….!
— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) July 20, 2026
Not withstanding my health my fast continues till after the Sansad Chalo March, and will be broken only under the following circumstances… pic.twitter.com/kaOGx2Nk4T
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