तनाव का नया दौर शुक्रवार रात अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष और भी घातक हो गया है। दोनों देशों ने एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर भीषण हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, पिछले सात दिनों से जारी हमलों के क्रम में यह अब तक की सबसे गंभीर कार्रवाई है, जिसमें ईरान ने अमेरिकी लॉजिस्टिक्स और अंडरग्राउंड आर्म्स स्टोरेज को निशाना बनाने का दावा किया है।
जॉर्डन में सीधे हमले का शिकार हुए अमेरिकी सैनिक इस संघर्ष का सबसे बड़ा असर जॉर्डन में देखने को मिला। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने जॉर्डन स्थित कम से कम दो सैन्य ठिकानों—मुवाफ़्फ़क साल्टी एयर बेस और प्रिंस हसन एयर बेस—पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन्स से हमला किया। इन हमलों में कई अमेरिकी सैनिकों के घायल होने की खबर है। हालांकि, घायल सैनिकों की सटीक संख्या और उनकी स्थिति के बारे में अमेरिकी रक्षा विभाग ने अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
मिसाइल डिफेंस सिस्टम की विफलता? सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे फुटेज में दिख रहा है कि जॉर्डन के एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान की कई मिसाइलों को रोकने की कोशिश की। कई पैट्रियट इंटरसेप्टर लॉन्च किए गए, लेकिन रिपोर्ट्स बताती हैं कि ईरान की कुछ मिसाइलें इस सुरक्षा घेरे को भेदकर सीधे बेस के अंदर गिरीं। ये मिसाइलें उन इलाकों में गिरीं जहां अमेरिकी फाइटर जेट्स और सपोर्ट फोर्सेज तैनात रहती हैं।
ईरान का बड़ा दावा ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने इस हमले को लेकर कड़े दावे किए हैं। उनका कहना है कि उन्होंने न केवल जॉर्डन, बल्कि कुवैत, ओमान और बहरीन में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाया है। IRGC के अनुसार, उनके हमलों में अमेरिकी गोला-बारूद के गोदाम, विमानों के हैंगर और कमांड सेंटर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं।
जॉर्डन सरकार का अपना पक्ष दूसरी ओर, जॉर्डन की सेना ने इन दावों से आंशिक रूप से इनकार किया है। जॉर्डन के अधिकारियों का कहना है कि उनकी वायु रक्षा प्रणाली ने ईरान की 10 मिसाइलों को मार गिराया है, जो उनके हवाई क्षेत्र में घुस आई थीं। उनके अनुसार, देश के भीतर किसी बड़े जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है।
क्षेत्र में बढ़ रही बेचैनी বর্তমানে जॉर्डन में अमेरिका के लगभग तीन से चार हजार सैनिक तैनात हैं। मुवाफ़्फ़क साल्टी एयर बेस जैसे महत्वपूर्ण अड्डों पर हुए इन सीधे हमलों ने पूरे मध्य-पूर्व में सामरिक समीकरण बदल दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संघर्ष इसी तरह बढ़ता रहा, तो आने वाले दिनों में यह एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है। फिलहाल अमेरिका की ओर से किसी बड़ी जवाबी कार्रवाई का इंतजार है।
Iranian IRBM strike apparently hit the troop billeting area at Muwaffaq Al Salti Air Base in Jordan.
— Clash Report (@clashreport) July 18, 2026
The shelters there are just concrete culverts behind Texas barriers — meant to contain fragments and fire, not stop direct missile hits.
The base hosts US forces.
Potential… pic.twitter.com/YLYbsd3R04
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