मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी नौसेना ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में ईरान के खिलाफ सख्त समुद्री नाकेबंदी लागू कर दी है। इस कदम के बाद ईरानी जहाजों का इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरना लगभग असंभव हो गया है।
क्या है अमेरिकी कमांड का आदेश? यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि बुधवार शाम 4 बजे से ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों से आने-जाने वाले जहाजों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। वर्तमान में मिडिल ईस्ट में अमेरिका के 20 से अधिक युद्धपोत और सैकड़ों लड़ाकू विमान तैनात हैं, जो इस नाकेबंदी को सुनिश्चित कर रहे हैं।
अप्रैल में भी हुआ था ऐसा यह पहली बार नहीं है जब अमेरिका ने यह कड़ा कदम उठाया है। इससे पहले अप्रैल में भी ऐसी ही नाकेबंदी की गई थी। जून में एक अस्थायी संघर्ष विराम समझौते के चलते इसे हटा लिया गया था। उस समय उम्मीद थी कि 60 दिनों के भीतर ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर कोई स्थाई समाधान निकल आएगा, लेकिन हॉर्मुज में जारी तनाव के कारण बातचीत पटरी से उतर गई।
डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दांव अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को नाकेबंदी दोबारा लागू करने की घोषणा की। शुरुआत में राष्ट्रपति ने हॉर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर 20 प्रतिशत टैरिफ लगाने का विचार रखा था, हालांकि बाद में इस फैसले को वापस ले लिया गया। पूर्ण नाकेबंदी का सीधा मकसद ईरान की आर्थिक गतिविधियों और सैन्य रसद को रोकना है।
दुनिया पर क्या होगा असर? हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग है। युद्ध से पहले वैश्विक कच्चे तेल और गैस आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता था। अमेरिका-ईरान के इस संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिससे दुनिया भर में तेल और गैस की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया है।
युद्ध के और भयानक होने के संकेत सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका की यह कार्रवाई ईरान को और ज्यादा आक्रामक होने के लिए मजबूर कर सकती है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या ईरान इस नाकेबंदी को चुनौती देता है या यह तनाव आने वाले दिनों में एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले लेगा।
U.S. forces resumed the naval blockade against vessels transiting to and from Iranian ports and coastal areas today at 4 p.m. ET.
— U.S. Central Command (@CENTCOM) July 14, 2026
There are currently more than 20 U.S. Navy warships and hundreds of military aircraft operating across the Middle East. American forces remain… pic.twitter.com/ATRJHlLQNo
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