पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (पीओके) में जारी विरोध प्रदर्शनों को लेकर भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विदेश मंत्रालय ने साफ शब्दों में कहा है कि वहां के लोगों का गुस्सा कोई अचानक उपजी स्थिति नहीं, बल्कि दशकों से जारी शोषण और अवैध कब्जे का नतीजा है।
शोषण और दमन का अड्डा बना पीओके विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान दशकों से पीओके के लोगों के साथ अन्याय कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां की जनता को बुनियादी अधिकारों से वंचित रखा गया है और जब वे अपनी समस्याओं को लेकर बाहर निकलते हैं, तो पाकिस्तान सरकार बातचीत के बजाय बल प्रयोग और दमन का सहारा लेती है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से जवाबदेही की मांग भारत ने वैश्विक मंच पर पीओके की स्थिति को गंभीरता से लेने की अपील की है। विदेश मंत्रालय का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान से मानवाधिकार उल्लंघन के लिए सवाल पूछना चाहिए। भारत का मानना है कि पीओके के लोगों की लोकतांत्रिक आवाज को कुचलने की पाकिस्तान की कोशिशें अब और नहीं चलेंगी।
पुरानी समस्याओं का नया उबाल पीओके में प्रदर्शनों का इतिहास पुराना है। महंगाई, बिजली की भारी किल्लत, अनुचित टैक्स व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं के अभाव ने वहां के लोगों का जीवन दूभर कर दिया है। पिछले कुछ समय से वहां की जनता लगातार सड़कों पर उतर रही है। पिछले दिनों सरकारी नीतियों के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों और आम नागरिकों के बीच हुई झड़पें इस बात का सबूत हैं कि वहां का गुस्सा उफान पर है।
भारत का रुख: पीओके हमारा अभिन्न अंग भारत ने एक बार फिर अपना पुराना रुख दोहराया है कि पूरा जम्मू-कश्मीर, जिसमें पीओके भी शामिल है, भारत का अभिन्न अंग है। भारत सरकार का स्पष्ट मानना है कि अवैध कब्जे वाले इन इलाकों में रहने वाले लोगों को उनके मौलिक अधिकार मिलने चाहिए। फिलहाल इस मुद्दे ने एक बार फिर वैश्विक ध्यान आकर्षित किया है और भारत चाहता है कि दुनिया पीओके के लोगों की पीड़ा को सुने।
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*#WATCH | Delhi: MEA spokesperson Randhir Jaiswal says, The ongoing protests in Pakistan-occupied Jammu and Kashmir are a direct consequence of Pakistan s decades-long systemic exploitation, denial of fundamental rights and administrative operation in areas under its illegal and… pic.twitter.com/eXOSndyPf0
— ANI (@ANI) July 14, 2026
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