करूर हादसे पर छलका CM विजय का दर्द, बोले- सरकारी खजाने से नहीं, अपनी जेब से बनाऊंगा मेमोरियल
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तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और तमिलगा वेत्री कजगम (TVK) प्रमुख सी. जोसेफ विजय शुक्रवार (10 जुलाई 2026) को पहली बार उस जगह पहुंचे, जिसने उनके सियासी सफर को सबसे गहरा जख्म दिया है। करूर में पिछले साल 27 सितंबर को रोड शो के दौरान हुई भगदड़ में 41 लोगों की मौत हो गई थी। कुर्सी संभालने के बाद पहली बार वहां पहुंचे मुख्यमंत्री भावुक नजर आए।

यह हादसा मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा दर्द एटलस ग्राउंड में उमड़े जनसैलाब के सामने विजय ने कहा कि सफलता चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हो, लेकिन करूर के वे जख्म कभी नहीं भर सकते। उन्होंने कहा, टीवी पर मुझे देखकर मुस्कुराने वाले उन मासूम बच्चों को हमने खो दिया। जब मैं इस दुख में डूबा था, तब विरोधी मुझ पर हंस रहे थे और ताने मार रहे थे कि मैं डरकर छिप गया हूं।

DMK पर बोला बड़ा हमला विजय ने तत्कालीन DMK सरकार पर गंभीर साजिश के आरोप लगाए। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर पुलिस को भीड़ बेकाबू होने का अंदेशा था, तो उन्होंने कार्यक्रम रोकने का अपना अधिकार क्यों नहीं इस्तेमाल किया? विजय ने DMK को भ्रष्टाचार की वेंडिंग मशीन करार देते हुए जनता से आगामी उप-चुनावों में इस बुरी ताकत को उखाड़ फेंकने की अपील की।

सरकारी नहीं, पार्टी फंड से बनेगा मेमोरियल मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि हादसे में मारे गए लोगों की याद में एक स्मारक बनाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसके लिए सरकारी खजाने से एक भी रुपया नहीं लिया जाएगा। यह मेमोरियल उनकी पार्टी TVK अपने फंड से बनाएगी। इसके पीछे का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि आने वाली पीढ़ियां जान सकें कि कैसे इस त्रासदी पर गंदी राजनीति की गई थी।

पीड़ित परिवारों को मिली बड़ी राहत सियासी हमलों के बीच विजय ने पीड़ितों के जख्मों पर मरहम लगाने का काम भी किया। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले 31 परिवारों के सदस्यों को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरियों के नियुक्ति पत्र सौंपे। हालांकि, मद्रास हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि ये नियुक्तियां सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामले के अंतिम निर्णय के अधीन होंगी।

दौरे के दौरान सुरक्षा में चूक इस हाई-प्रोफाइल दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठे। जब सीएम का काफिला गुजर रहा था, तब एक अनजान शख्स बैरिकेड्स तोड़कर गाड़ियों के करीब पहुंच गया। हालांकि, सुरक्षाकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उसे तुरंत काबू में कर लिया और काफिला सुरक्षित निकल गया। कार्यक्रम के लिए क्यूआर कोड से लेकर भारी पुलिस बल तक, सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।

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