मेरठ: प्रदर्शनकारियों पर भड़के SSP अविनाश पांडेय, गाड़ी में बिठाकर पीटने का वीडियो वायरल
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मेरठ में ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर जारी प्रदर्शन के दौरान एसएसपी विपिन ताडा (IPS अविनाश पांडेय) का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो में एसएसपी प्रदर्शनकारियों को खदेड़ते और हिरासत में लिए गए लोगों को पुलिस गाड़ी में थप्पड़ मारते नजर आ रहे हैं।

गाड़ी में बंद कर की गई पिटाई वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि मेरठ पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर गाड़ी में बैठाया था। एसएसपी मौके पर पहुंचते हैं और गाड़ी में चढ़कर प्रदर्शनकारियों पर थप्पड़ बरसाने लगते हैं। इतना ही नहीं, गाड़ी का दरवाजा बंद करके भी पिटाई की गई, जिसके बाद दलित संगठनों ने एसएसपी के इस व्यवहार पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।

क्या था पूरा मामला? यह विवाद बीए छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड से जुड़ा है, जिसकी हत्या 15 मई को कर दी गई थी। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन परिजन और प्रदर्शनकारी पूरे परिवार की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। इसी मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों ने कलक्ट्रेट गेट के पास भारी जाम लगा दिया था।

किसी के पिताजी की सड़क नहीं है हालात बेकाबू होते देख एसएसपी ने मोर्चा संभाला। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को चेतावनी देते हुए तल्ख लहजे में कहा, किसी के पिताजी की सड़क नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क जाम करना समस्या का समाधान नहीं है और प्रदर्शनकारियों से सीधे बातचीत के लिए आगे आने को कहा।

पुलिस का दावा: साजिश के तहत हुआ प्रदर्शन एसएसपी अविनाश पांडेय ने इस पूरे घटनाक्रम को एक सोची-समझी साजिश करार दिया है। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के पीछे भारतीय किसान यूनियन (अंबेडकर गुट) के दिग्विजय सिंह भाटी का हाथ था, जिस पर पहले से 9 मुकदमे दर्ज हैं। साथ ही नोएडा के रवि गौतम की भी भूमिका संदिग्ध पाई गई है।

क्षेत्र का माहौल खराब करने का आरोप पुलिस का कहना है कि मृतका के परिजन पुलिस कार्रवाई से पहले ही संतुष्ट थे। उन्हें बाहरी तत्वों द्वारा उकसाया गया और अराजनीतिक संगठनों ने इसे जातिगत रंग देने की कोशिश की। पुलिस अब वीडियो और सोशल मीडिया साक्ष्यों के आधार पर भड़काने वाले लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई कर रही है।

कौन हैं IPS अविनाश पांडेय? 2015 बैच के यूपी कैडर के अधिकारी अविनाश पांडेय लखीमपुर खीरी के रहने वाले हैं। अपनी सेवा के दौरान उन्हें दो बार महानिदेशक प्रशंसा चिह्न (सिल्वर और गोल्ड मेडल) से सम्मानित किया जा चुका है। फिलहाल, इस वायरल वीडियो के बाद वे सोशल मीडिया पर लोगों के निशाने पर हैं।

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