देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में नौकरी को अक्सर लाइफ सेटल होने का पैमाना माना जाता है। लेकिन क्या यह सच में उतना ही चमकदार है जितना दिखता है? हाल ही में वायरल हुई एक स्केल-3 मैनेजर की सैलरी स्लिप ने इस बहस को नई दिशा दी है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई फॉर्म-16 की कॉपी के अनुसार, एक स्केल-3 मैनेजर की सालाना ग्रॉस सैलरी 35 लाख 24 हजार 315 रुपये है। गणित के हिसाब से देखें, तो यह रकम हर महीने लगभग 2.93 लाख रुपये बनती है। लेकिन क्या वास्तव में इतना ही पैसा बैंक मैनेजर के अकाउंट में आता है? जवाब है—बिल्कुल नहीं।
वायरल पोस्ट के मुताबिक, इस 35 लाख की रकम में ऐसी चीजें शामिल हैं जो हर महीने नहीं मिलतीं। इसमें 3 लाख 6 हजार रुपये का LFC एन्कैशमेंट और अन्य लीव एन्कैशमेंट शामिल हैं, जो हर महीने नहीं बल्कि 4 साल में एक बार मिलने वाला लाभ है।
ग्रॉस सैलरी का एक बड़ा हिस्सा टैक्स और अन्य अनिवार्य कटौतियों में चला जाता है। बैंक मैनेजर की सैलरी से इनकम टैक्स, NPS, EPF के अलावा होम लोन, कार लोन और टू-व्हीलर लोन की EMI भी कटती है। इन सभी कटौतियों के बाद जो रकम हाथ में आती है, वह ग्रॉस सैलरी से काफी कम होती है।
इस खुलासे के बाद यूजर्स की राय बंटी हुई है। एक यूजर ने लिखा, फॉर्म-16 का आंकड़ा गर्व से भरा लग सकता है, लेकिन हर महीने की टेक-होम सैलरी ही असल संघर्ष बयां करती है। वहीं, दूसरे यूजर का मानना है कि ग्रॉस वेतन देखकर ही सरकारी बैंक अधिकारियों की कमाई का अंदाजा लगाना गलत है।
कुल मिलाकर, यह मामला साफ करता है कि कागजों पर दिख रही आकर्षक सैलरी और बैंक खाते में आने वाली वास्तविक राशि के बीच एक बहुत बड़ा अंतर होता है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
People often say that SBI employees have a settled life
— Pooja (@poojaofficial5) July 5, 2026
but this Scale 3 Manager s salary slip might completely change your perspective.
Eight years ago, a young man joined State Bank of India as a Probationary Officer.
Today, he is a Scale 3 Manager,
and his Form 16 for FY… pic.twitter.com/Iy7TJOkUJI
संजू सैमसन की वापसी पर गौतम गंभीर का बड़ा बयान, क्या प्लेइंग इलेवन में फिर मिलेगी जगह?
पुणे में जल प्रलय: खड़कवासला बांध से छोड़ा गया 28,000 क्यूसेक पानी, भीडे पुल डूबा
अमरनाथ यात्रा का बड़ा अपडेट: बाबा बर्फानी हुए अंतर्ध्यान, जानिए अब क्या है स्थिति
इंडोनेशिया में गणित क्लास: पीएम मोदी ने बताया क्यों खास है नंबर 8
शिव भक्ति और कूटनीति: इंडोनेशिया के ऐतिहासिक प्रंबानन मंदिर पहुंचे पीएम मोदी, भारत संभालेगा जीर्णोद्धार की जिम्मेदारी
नर्मदा जल विवाद का हुआ द एंड : चार राज्यों ने अमित शाह की मौजूदगी में भरी सहमति की हुंकार
वैभव सूर्यवंशी का बल्ला खामोश: आर्चर की आग उगलती गेंदों ने टीम इंडिया की कमर तोड़ी
बारुईपुर एनकाउंटर: आरोपी की मौत पर मचा सियासी घमासान, कीर्ति आजाद ने BJP पर लगाए गंभीर आरोप
बारुइपुर एनकाउंटर: वो पापी है, लाश भी नहीं देखूंगी , रेप-मर्डर के आरोपी बेटे को मां ने नकारा
#INDvsENG: उम्मीदों का बोझ या अनुभव की कमी? वैभव सूर्यवंशी का बल्ला फिर रहा खामोश