वायनाड सुरंग हादसा: मानव निर्मित आपदा की जांच के आदेश, निर्माण कंपनी सवालों के घेरे में
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केरल के वायनाड में सुरंग निर्माण स्थल पर हुए भयावह भूस्खलन के बाद राज्य सरकार ने सख्त तेवर अपना लिए हैं। मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने घटना की दो अलग-अलग जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही, जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, निर्माण कार्य पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

हादसे में तीन की मौत, पांच अब भी लापता मेप्पाडी पंचायत क्षेत्र में हुए इस हादसे में अब तक तीन प्रवासी मजदूरों (मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड से) की मौत की पुष्टि हो चुकी है। हादसे में 10 लोग घायल हुए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। 5 लोग अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश में एनडीआरएफ, पुलिस और दमकल विभाग की टीमें जुटी हैं। हालांकि, भारी बारिश बचाव अभियान में बड़ी बाधा बनी हुई है।

सरकार बनाम कंपनी: लापरवाही के गंभीर आरोप राज्य सरकार ने इस घटना को मानव निर्मित आपदा करार दिया है। सरकार का आरोप है कि निर्माण कंपनी को खुदाई से निकली मिट्टी हटाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे, लेकिन कंपनी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। वहीं, निर्माण कंपनी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया है कि भूस्खलन निर्माण स्थल काफी ऊपर हुआ था और इसका खुदाई से कोई ताल्लुक नहीं है। पुलिस ने अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

केंद्र का हस्तक्षेप, मदद का आश्वासन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री सतीशन से फोन पर बात कर स्थिति का जायजा लिया है। केंद्र सरकार ने हर संभव मदद का भरोसा दिया है और इस घटना की उच्च स्तरीय जांच पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि दोषियों की जवाबदेही तय की जाएगी और उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।

2024 की यादें और पर्यावरणीय लापरवाही यह हादसा उसी क्षेत्र में हुआ है जहां 2024 में भीषण भूस्खलन ने तबाही मचाई थी। मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि इस परियोजना के शुरू होने से पहले पर्यावरणीय प्रभाव अध्ययन की मांग उठाई गई थी, जिसे नजरअंदाज किया गया। अब सरकार यह खंगालने में जुटी है कि क्या पर्यावरणीय चेतावनियों को दरकिनार करना ही इस नई जानलेवा त्रासदी का कारण बना।

सियासत से दूर बचाव पर जोर सीपीआई नेता के. राजन ने घटनास्थल का दौरा करने के बाद अपील की है कि इस संवेदनशील मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी से बचा जाए। उनका कहना है कि इस वक्त पूरी प्राथमिकता राहत एवं बचाव कार्यों को दी जानी चाहिए ताकि लापता लोगों का पता लगाया जा सके।

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