पश्चिम बंगाल में बसों का रंग एक बार फिर बदल गया है। दशकों तक वामपंथी शासन में लाल और तृणमूल के 15 साल के दौर में नीले-सफेद रंग में रंगी सरकारी बसें, अब भगवा रंग में नजर आ रही हैं।
नया रूट, नया रंग इस बदलाव की शुरुआत एसी-58 रूट से हुई, जो सोनारपुर को न्यू टाउन के इको स्पेस से जोड़ता है। यात्रियों को उम्मीद थी कि वे हमेशा की तरह नीली बसों में सफर करेंगे, लेकिन उनकी जगह चमकीली भगवा बसों ने ले ली है। इसके अलावा, हावड़ा-घटकपुर रूट पर भी भगवा-सफेद रंग की प्राइवेट बसें सड़कों पर दौड़ती देखी गई हैं।
परिवहन मंत्री का तर्क परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह ने इस बदलाव का बचाव करते हुए इसे आधुनिकीकरण से जोड़ा है। उन्होंने कहा कि भगवा रंग न केवल डबल-इंजन सरकार की गति को दर्शाता है, बल्कि यह पर्यावरण के अनुकूल और आधुनिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम की ओर एक कदम है।
डिजिटल बदलाव और चुप्पी यह प्रक्रिया काफी चुपचाप तरीके से चल रही है। राज्य के ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन की वर्कशॉप में बसों को तेजी से रंगा जा रहा है। इतना ही नहीं, यात्रियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले ई-टिकट पर भी अब नीले की जगह भगवा रंग का डिजिटल वॉटरमार्क दिखाई दे रहा है। हालांकि, अधिकारी इसे कोई औपचारिक नीति मानने से बच रहे हैं।
सियासी ब्रांडिंग या सुधार? ट्रांसपोर्ट यूनियन के नेता तपन दास इसे महज राजनीतिक ब्रांडिंग करार देते हैं। उनका कहना है कि बसों का रंग बदलने से ड्राइवर और मेंटेनेंस स्टाफ की कमी जैसी वास्तविक समस्याएं हल नहीं होंगी। हर सरकार अपने कार्यकाल में ट्रांसपोर्ट बेड़े को एक बिलबोर्ड की तरह इस्तेमाल करती आई है।
यात्रियों की प्राथमिकता आम यात्रियों के लिए बसों का रंग गौण है। रोजाना सफर करने वाले अनिर्बान दत्ता जैसे आईटी प्रोफेशनल्स का मानना है कि रंग बदलने से ज्यादा जरूरी समय की पाबंदी और बसों की संख्या बढ़ाना है। उनका कहना है, अगर बस के लिए 45 मिनट इंतजार करना पड़े, तो फिर चाहे वह नीली हो या भगवा, कोई फर्क नहीं पड़ता।
Three New AC Bus Routes Announced
— Locket Chatterjee (@me_locket) July 4, 2026
West Bengal is set to enhance its public transport network with three new AC bus services, improving connectivity across Kolkata and its surrounding regions.
🔹 AC-58: Ecospace ↔️ Sonarpur
🔹 AC-24: Dhalai Bridge (Patuli) ↔️ Howrah Station
🔹… pic.twitter.com/irmfHxuZOr
राम मंदिर चढ़ावा विवाद: VHP ने विपक्षी नेताओं को घेरा, मांगे घोटालों के सबूत
कर्नाटक: वोटर वेरिफिकेशन में धांधली का आरोप, मस्जिदों और मैरिज हॉल में भरे जा रहे SIR फॉर्म; BJP-JDS ने चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया
#BRICS का ड्रग्स वॉर: पूर्वोत्तर ही क्यों चुना भारत ने? समझें गोल्डन ट्रायंगल का खतरनाक जाल
E20 पेट्रोल पर छिड़ा नया विवाद: पेट्रोल डीलर्स ने सरकार से की मांग, क्या फंस गए हैं वाहन मालिक?
गोरी रंगत का खौफनाक सच: पाकिस्तानी क्रीम ने छीनी 18 महिलाओं की किडनी, लैब रिपोर्ट में मिले जहर के सबूत
E20 पेट्रोल विवाद: भारत के खंडन के बाद भी अड़ा भूटानी पत्रकार, सबूत के तौर पर जारी किया सरकारी दस्तावेज
दिल्ली की हवा होगी अब साफ? जानिए क्या है पवन III , जो प्रदूषण को हवा में ही कर देती है खत्म
ठाकुरगंज मॉडल स्कूल: सिर्फ नाम के ‘मॉडल’, न अपना भवन, न पूरे शिक्षक
किशनगंज में अवैध पशु हाट और तस्करी पर सख्त हुआ प्रशासन, जारी किए गए कड़े निर्देश
लखनऊ रोड शो विवाद: हनुमान के भेष में भाजपा का झंडा लहराने पर मचा सियासी बवाल, केजरीवाल ने कहा हिंदू धर्म पर कलंक