भारत और भूटान के बीच E20 पेट्रोल की सप्लाई को लेकर छिड़ा विवाद अब एक दिलचस्प मोड़ पर आ गया है। भारत के पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा खबरों को सिरे से खारिज करने के बावजूद, भूटानी पत्रकार ने अपने दावों को पुख्ता करने के लिए आधिकारिक दस्तावेज सार्वजनिक कर दिए हैं।
क्या है पूरा मामला? विवाद की शुरुआत तब हुई जब मीडिया में खबर आई कि भूटान ने भारत द्वारा सप्लाई किए जाने वाले E20 एथनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल को लेने से इनकार कर दिया है। इस पर रविवार को भारत के पेट्रोलियम मंत्रालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि ऐसी कोई पेशकश ओएमसी (OMCs) द्वारा नहीं की गई थी और यह खबरें पूरी तरह आधारहीन हैं।
पत्रकार ने जारी किए सबूत भारत सरकार के इस खंडन के बाद, भूटान के प्रमुख अखबार के संपादक तेनजिंग लामसांग ने पीछे हटने के बजाय एक कदम आगे बढ़कर सोशल मीडिया पर भूटान सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ ट्रेड का एक लिखित दस्तावेज साझा किया है। लामसांग का कहना है कि उनकी रिपोर्ट पूरी तरह से प्रमाणित है और यह जानकारी उन्हें खुद भूटानी अधिकारियों से मिली है।
भूटान ने क्यों किया मना? दस्तावेज में भूटान की चिंता का मुख्य कारण मौसम बताया गया है। भूटान एक पहाड़ी और बेहद नमी वाला देश है। एथनॉल की प्रकृति ऐसी होती है कि वह हवा से नमी को बहुत तेजी से सोखता है। भूटानी प्रशासन का मानना है कि वहां के मौजूदा अंडरग्राउंड फ्यूल स्टोरेज टैंकों में नमी के कारण पानी के रिसाव का खतरा अधिक है। इससे ईंधन की गुणवत्ता बिगड़ सकती है और वाहनों के इंजन खराब होने का डर बना हुआ है।
भारत में भी सुलग रही है बहस E20 पेट्रोल को लेकर भारत के भीतर भी मिली-जुली प्रतिक्रिया है। एक तरफ सरकार इसे कच्चे तेल के आयात को कम करने और पर्यावरण के लिहाज से क्रांतिकारी कदम बता रही है, तो दूसरी तरफ वाहन मालिकों को माइलेज कम होने और लंबे समय में इंजन के खराब होने की आशंका सता रही है।
आगे क्या? एक तरफ भारत सरकार का आधिकारिक खंडन है और दूसरी तरफ भूटान का दावा किया गया सरकारी पत्र। फिलहाल, इस मामले में दोनों देशों के बीच आधिकारिक स्तर पर और अधिक स्पष्टीकरण की उम्मीद की जा रही है, ताकि इस तकनीकी और कूटनीतिक उलझन को सुलझाया जा सके।
Fact Check
— Ministry of Petroleum and Natural Gas #MoPNG (@PetroleumMin) July 5, 2026
❌ Claims that Bhutan declined an offer to import E20 petrol from India are incorrect.
No such offer has been made by the Oil Marketing Companies (OMCs), and there is no proposal for export of E20 petrol to Bhutan.
✅ Please rely only on official information from… pic.twitter.com/sqyAcEIvbw
जयपुर मेट्रो फेज-2: 13 हजार करोड़ की ऑरेंज लाइन से बदलेगी गुलाबी नगरी की रफ्तार
हरियाणाः बसंती के लिए 72 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ा वीरू , 5 घंटे तक चला हाई-वोल्टेज ड्रामा
पेंटागन की बादशाहत खत्म: मिस्र ने खड़ा किया दुनिया का सबसे विशाल ऑक्टागन
मुंबई-पुणे की लाइफलाइन टूटी: भारी बारिश और लैंडस्लाइड से रेल-रोड संपर्क पूरी तरह ठप
इजरायल में संवैधानिक संकट: नेतन्याहू सरकार ने पहली बार सुप्रीम कोर्ट के आदेश को मानने से किया इनकार
ऑस्ट्रेलिया का विश्व पटल पर राज: 7वीं बार बनी महिला टी20 वर्ल्ड कप चैंपियन
अमेरिका की चेतावनी बेअसर: खामेनेई के अंतिम संस्कार में जुटे 70 देशों के दिग्गज
सहरसा सदर अस्पताल: सोमवार की ओपीडी में कौन से डॉक्टर करेंगे इलाज, देखें पूरी लिस्ट
विंबलडन के नए सिकंदर नोवाक जोकोविच: रोजर फेडरर का रिकॉर्ड ध्वस्त, इतिहास रचने की ओर कदम
सावधान! दक्षिण दिल्ली में आज पानी का संकट, कई इलाकों में सप्लाई रहेगी ठप; चेक करें लिस्ट