जम्मू-कश्मीर के सरकारी स्कूलों में छात्रों को परोसे जा रहे आपत्तिजनक कंटेंट पर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सख्त रुख अपनाया है। स्कूल लाइब्रेरी से पर्सनैलिटीज एंड लीजेंड्स ऑफ जेएंडके नामक किताब को हटाकर 8 अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।
किताब विवाद तब गहराया जब विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने आरोप लगाया कि इसमें आतंकियों और अलगाववादी नेताओं का महिमामंडन किया गया है। किताब में प्रतिबंधित आतंकी संगठन JKLF के मकबूल भट्ट को शहीद बताया गया है, जो राष्ट्रविरोधी नैरेटिव फैलाने की कोशिश है।
बीजेपी नेता सुनील शर्मा ने इसे एकेडमिक जिहाद करार दिया है। उनका कहना है कि इस किताब में सैयद अली शाह गिलानी, मसरत आलम और मीरवाइज उमर फारूक जैसे अलगाववादियों के विचारों को बढ़ावा दिया गया है। इतना ही नहीं, जम्मू-कश्मीर को किताब में इंडियन ऑक्यूपाइड कश्मीर (भारतीय कब्जे वाला कश्मीर) जैसे आपत्तिजनक शब्दों से संबोधित किया गया है।
पर्सनैलिटीज एंड लीजेंड्स ऑफ जेएंडके किताब जून महीने में समग्र शिक्षा योजना के तहत स्कूलों में भेजी गई थी। सुनील शर्मा का आरोप है कि शिक्षा विभाग की एक विशेषज्ञ समिति ने इसकी समीक्षा कर मंजूरी दी थी, जो कि अपने आप में एक बड़ा षड्यंत्र है। इस किताब पर सरकारी लोगो का इस्तेमाल कर इसे विश्वसनीयता देने की कोशिश की गई।
विवाद बढ़ने के बाद उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मामले में उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। लापरवाही बरतने वाले 8 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही, कॉन्ट्रैक्ट पर तैनात उन कर्मचारियों को भी सेवा से हटाने का निर्देश दिया गया है जो इस पूरी प्रक्रिया में शामिल थे।
प्रशासन ने सभी सरकारी स्कूलों से किताब की सभी प्रतियां वापस मंगवा ली हैं। वहीं, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि वे मामले की पूरी जानकारी लेने और जांच के बाद ही इस पर विस्तृत टिप्पणी करेंगे। दूसरी ओर, बीजेपी ने इस मामले में शिक्षा मंत्री सकीना इटू को बर्खास्त करने की मांग की है, क्योंकि यह सामग्री सीधे तौर पर देश की एकता और सुरक्षा को चुनौती देने वाली है।
जम्मू-कश्मीर में शिक्षण संस्थानों की किताबों की समीक्षा पिछले काफी समय से जारी है। इससे पहले अरुंधति रॉय, ए.जी. नूरानी और सुमंत्र बोस समेत कई लेखकों की 25 किताबों को जप्त किया जा चुका है, जिनमें अलगाववाद को बढ़ावा देने का आरोप था। अब इस ताजा घटनाक्रम ने स्कूलों में पाठ्यक्रम की निगरानी को लेकर फिर से गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
*जम्मू: जम्मू-कश्मीर विधानसभा में विपक्ष के नेता और भाजपा नेता सुनील शर्मा ने कहा, हमारे संज्ञान में एक ऐसी किताब आई है, जिसका शीर्षक Personalities and Legends of Jammu & Kashmir है। इस किताब में हत्यारों, आतंकवादियों, विमान अपहरण करने वालों और भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने वालों… pic.twitter.com/qnyCgIZxJ7
— IANS Hindi (@IANSKhabar) July 4, 2026
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