ई-20 पेट्रोल: पूरे देश को प्रयोगशाला बनाने पर केजरीवाल का केंद्र पर बड़ा हमला
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आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पेट्रोल में 20 फीसदी इथेनॉल मिलाने (E-20) के केंद्र सरकार के फैसले पर तीखा विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने सरकार पर देश की 140 करोड़ आबादी की गाड़ियों को एक्सपेरिमेंट के तौर पर इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है।

पूरा देश बना लैब केजरीवाल ने कहा कि मोदी सरकार के लिए पूरा देश एक प्रयोगशाला बन गया है। बिना किसी व्यापक परीक्षण के, सरकार जबरदस्ती पूरे देश में E-20 पेट्रोल थोप रही है। उन्होंने तर्क दिया कि कोई भी वैज्ञानिक प्रयोग पहले सीमित संख्या में गाड़ियों पर होना चाहिए था, न कि पूरे देश के वाहनों पर।

माइलेज में 30 फीसदी की भारी गिरावट केजरीवाल ने दावा किया कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से गाड़ियों के माइलेज में 30 फीसदी तक की कमी आई है। उन्होंने भारत पेट्रोलियम केमिकल लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनुराग के बयान का हवाला देते हुए कहा कि विशेषज्ञों ने भी माना है कि इथेनॉल का माइलेज कम होता है।

कीमत कम करने की मांग अरविंद केजरीवाल ने सवाल उठाया कि अगर माइलेज 30 फीसदी कम हो रहा है, तो फिर पेट्रोल की कीमतें भी 30 फीसदी कम क्यों नहीं की जा रही हैं? उन्होंने कहा कि सरकार आम जनता से पूरा पैसा वसूल रही है, जबकि जनता को अपनी गाड़ियों के पार्ट्स खराब होने और इंजन में जंग लगने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

सुप्रीम कोर्ट में पलटने का आरोप केजरीवाल ने आरोप लगाया कि 30 जून को केंद्र सरकार ने अटॉर्नी जनरल के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में इसे एक एक्सपेरिमेंट बताया था, लेकिन मीडिया में खबर आते ही सरकार अपने बयान से पलट गई। उन्होंने इसे जनता के साथ विश्वासघात करार दिया।

प्रधानमंत्री को लिखेंगे पत्र इस मुद्दे पर लोगों के बढ़ते गुस्से को देखते हुए केजरीवाल ने कहा कि वह जल्द ही प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर इस फैसले को वापस लेने की मांग करेंगे। उन्होंने देशवासियों से अपील की है कि वे सुझाव दें कि उन्हें इस पत्र में क्या मुख्य बातें लिखनी चाहिए।

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