जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती इस समय ईरान की राजधानी तेहरान में हैं। वह ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में हिस्सा लेने पहुंची हैं। उन्हें मोजतबा खामेनेई के कार्यालय से विशेष आमंत्रण मिला है, जो इस दौरे को अत्यधिक महत्वपूर्ण बनाता है।
विशेष विमान से तेहरान पहुंचीं महबूबा ईरान में नियमित उड़ानों के निलंबन के कारण, ईरान सरकार ने मेहमानों के लिए विशेष विमानों का इंतजाम किया था। महबूबा मुफ्ती, जम्मू-कश्मीर की पहली ऐसी गैर-शिया राजनीतिक नेता हैं, जिन्हें इस तरह के उच्च-स्तरीय आयोजन के लिए आमंत्रित किया गया है। अयातुल्ला अली खामेनेई 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के एक संयुक्त हवाई हमले में मारे गए थे, जिनका अंतिम संस्कार 9 जुलाई को मशहद में होना है।
राजनीतिक संदेश और कूटनीतिक मायने महबूबा मुफ्ती ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते हुए खामेनेई को शहीद बताया और पीड़ितों के हक में लड़ने वाला नेता करार दिया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह दौरा केवल शोक व्यक्त करने तक सीमित नहीं है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच महबूबा का ईरान के प्रति खुलकर समर्थन जताना एक सोची-समझी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है।
शिया समुदाय के बीच अपनी पैठ बनाने की कवायद जम्मू-कश्मीर में शिया मुसलमानों की एक बड़ी आबादी है, जिनका ईरान के साथ गहरा भावनात्मक लगाव है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस यात्रा के जरिए महबूबा मुफ्ती राज्य के शिया समुदाय के बीच अपनी राजनीतिक पहचान को और मजबूत करने का प्रयास कर रही हैं। यह कदम उनके पारंपरिक वोट बैंक को साधने की एक बड़ी कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
सरकारी रुख से अलग महबूबा की पर्सनल डिप्लोमेसी भारत सरकार ने इस पूरे विवाद पर एक संतुलित और तटस्थ रुख अपनाया है। अंतिम संस्कार में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए विदेश राज्य मंत्री पवित्रा मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन का एक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल तेहरान जाएगा।
वहीं, कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद भी ईरान के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त कर चुके हैं। हालाँकि, सरकारी प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी और महबूबा मुफ्ती की व्यक्तिगत यात्रा के राजनीतिक निहितार्थ पूरी तरह अलग हैं, जो अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की घरेलू राजनीति की विविध छवियों को उजागर करते हैं।
*An honour for me to be here in Tehran to express my deepest condolences & solidarity on the martyrdom of Iran’s Supreme Leader Ayatollah Sayyed Ali Khamenei- a revered leader who dared to stand against the tide & fought for the oppressed. pic.twitter.com/dyfRbNXhsr
— Mehbooba Mufti (@MehboobaMufti) July 3, 2026
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