असदुद्दीन ओवैसी का नया दांव: अखिलेश यादव को बताया यादववादी , यूपी की सियासत में गरमाया पारा
News Image

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की बिसात अभी से बिछनी शुरू हो गई है। हैदराबाद के सांसद और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर यूपी के रण में हुंकार भरी है। दिलचस्प बात यह है कि ओवैसी का मुख्य निशाना बीजेपी नहीं, बल्कि समाजवादी पार्टी और उसके मुखिया अखिलेश यादव हैं।

अखिलेश पर यादववाद का आरोप बिजनौर की एक जनसभा में ओवैसी ने अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। ओवैसी ने कहा कि सपा समाजवाद की नहीं, बल्कि यादववाद की राजनीति करती है। उन्होंने अखिलेश के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) नारे को ढकोसला बताते हुए आरोप लगाया कि सपा केवल मुसलमानों को बीजेपी का डर दिखाकर उनका वोट हासिल करती है।

मुजफ्फरनगर दंगों की याद दिलाई ओवैसी ने अखिलेश सरकार के दौरान हुए 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों का जिक्र करते हुए कहा कि तब 50 हजार मुसलमानों को अपना घर छोड़ना पड़ा था। उन्होंने दावा किया कि अखिलेश की इन्हीं गलतियों के कारण आज बीजेपी सत्ता में है। उन्होंने यह भी कहा कि संभल में मस्जिद गिराए जाने के मुद्दे पर अखिलेश की चुप्पी साबित करती है कि वे मुसलमानों के सच्चे हितैषी नहीं हैं।

वोट बैंक की असली लड़ाई उत्तर प्रदेश में ओवैसी और अखिलेश के बीच की यह जंग दरअसल वोट बैंक की लड़ाई है। पिछले तीन दशकों से मुस्लिम समुदाय का एक बड़ा हिस्सा सपा के साथ रहा है। ओवैसी अब इसी मुस्लिम और दलित वोट बैंक में सेंध लगाकर अपनी पार्टी को एक मजबूत विकल्प के रूप में पेश करना चाहते हैं।

क्या ओवैसी को मिलेगी सफलता? ओवैसी 2017 से ही यूपी में पैर जमाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन परिणाम बहुत उत्साहजनक नहीं रहे। 2017 और 2022 के चुनावों में एआईएमआईएम के ज्यादातर उम्मीदवार अपनी जमानत तक नहीं बचा सके थे। हालांकि, ओवैसी छोटे दलों के साथ गठबंधन कर दलित-मुस्लिम समीकरण बनाने की कोशिश में जुटे हैं।

राजनीतिक भविष्य पर सवाल अखिलेश यादव नहीं चाहते कि उनका पीडीए वोट बैंक किसी भी तरह बिखरे, जबकि ओवैसी इसे तोड़ने के लिए पूरी ताकत लगा रहे हैं। यूपी जैसे राज्य में, जहां चुनावी गणित जाति और धर्म के इर्द-गिर्द घूमता है, ओवैसी का यह आक्रामक रुख आगामी चुनावों में क्या गुल खिलाएगा, यह देखना दिलचस्प होगा। फिलहाल, ओवैसी बराबरी का सम्मान मिलने पर किसी भी गठबंधन के लिए तैयार होने का संकेत दे रहे हैं।

*

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

37 लीटर की टंकी, 42 लीटर पेट्रोल: भोपाल के पेट्रोल पंप पर मीटर का जादुई खेल

Story 1

अयोध्या-उज्जैन घोटाले पर आदित्य ठाकरे का बड़ा हमला: 2029 में बीजेपी हो जाएगी बाहर

Story 1

राम मंदिर, बुलडोजर और ओवैसी का वार: संतों ने दी तीखी प्रतिक्रिया

Story 1

एनएच-31 पर एसपी का एक्शन मोड : जाम से दिलाई मुक्ति, पुलिसिंग में ढिलाई बरतने वालों को दी कड़ी चेतावनी

Story 1

राम मंदिर चढ़ावा चोरी: धीरेंद्र शास्त्री का बड़ा बयान, बोले- रावण जैसा हश्र होगा

Story 1

पेट्रोल की गिरती कीमतों का फायदा जनता को मिले: ट्रंप की चेतावनी, रिटेलर्स को दी सख्त नसीहत

Story 1

राम मंदिर चढ़ावा गबन मामला: अजय राय का सरकार पर बड़ा हमला, बोले- बड़े चेहरों को बचाने के लिए रची जा रही साजिश

Story 1

सुलतानगंज के स्कूलों में बदला शिक्षा का फॉर्मूला : अब रटने के बजाय करके सीखने पर होगा जोर

Story 1

केतन अग्रवाल मर्डर केस: भाई के खुलासे से उलझी सिया की गुत्थी, क्या सच में चेतन और सिया के बीच था प्यार ?

Story 1

बिहार के शिक्षकों का बिगुल: वेतन और प्रोन्नति के लिए 5 जुलाई को सहरसा में बनेगी आंदोलन की रणनीति